सीआरपीएफ में जाने का सपना रह गया अधूरा, सड़क हादसे में युवक की मौत से गांव में पसरा मातम

करुआ गांव निवासी अजय प्रसाद गुप्ता का 23 वर्षीय पुत्र राजू रंजन बेगूसराय जिले के सनहा स्थित बड़ी बहन के घर रहकर पुलिस एवं फौज की तैयारी करता था.

घटना बेगूसराय जिले के साहेबपुर कमाल थाना क्षेत्र की.

युवक सनहा गांव में बहन के यहां रहकर फौज का करता था तैयारी

चौथम. थाना क्षेत्र के करुआ गांव का होनहार युवक राजू रंजन अब कभी सपनों की मंजिल तक नहीं पहुंच पायेगा. सीआरपीएफ में नौकरी पाने का सपना आंखों में सजाए राजू बुधवार को सड़क हादसे का शिकार हो गया. गुरुवार को राजू का शव पैतृक गांव करुआ पहुंचते ही कोहराम मच गया. घटना के बाद पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है. हर आंख नम है, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. बताया जाता है कि करुआ गांव निवासी अजय प्रसाद गुप्ता का 23 वर्षीय पुत्र राजू रंजन बेगूसराय जिले के सनहा स्थित बड़ी बहन के घर रहकर पुलिस एवं फौज की तैयारी करता था. वह पढ़ाई और तैयारी को लेकर काफी मेहनती था. सीआरपीएफ भर्ती की मेंस परीक्षा और फिजिकल टेस्ट भी पास कर चुका था. सिर्फ ज्वाइनिंग लेटर आने का इंतजार कर रहा था. राजू बिहार पुलिस की परीक्षा भी क्वालिफाई कर लिया था. परिवार और गांव के लोगों को उससे काफी उम्मीदें थीं.

पंचवीर बाजार से मछली खरीदकर लौट रहा था सनहा

बताया जाता है कि बुधवार को राजू साइकिल से पंचवीर बाजार मछली खरीदने गया था. बाजार से लौटकर वह बहन के घर सनहा वापस जा रहा था. इसी दौरान रास्ते में सामने से आ रही तेज रफ्तार बाइक ने उसकी साइकिल में जोरदार टक्कर मार दी. टक्कर इतनी भीषण थी कि राजू रंजन ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया. घटना के बाद आसपास के लोगों की भारी भीड़ जमा हो गयी. स्थानीय लोगों ने बाइक सवार को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया. साहेबपुर कमाल थाना पुलिस ने बाइक को जब्त कर लिया.

करूआ गांव शव पहुंचते ही मचा कोहराम

गुरूवार की सुबह मृतक का शव करूआ स्थित गांव पहुंचा. शव पहुंचते ही चीख पुकार मच गयी. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया. मृतक के घर लोगों की भीड़ लग गयी. पूरे इलाके में मातमी सन्नाटा छा गया. मां फूल कुमारी बेटे के शव से लिपटकर बार-बार बेहोश हो रही थीं. भाई-बहनों का भी रो-रोकर बुरा हाल बना हुआ था. ग्रामीणों ने बताया कि मृतक के पिता नगरपालिका में कार्यरत हैं. जबकि मां आशा कार्यकर्ता हैं. राजू दो भाई और दो बहनों में सबसे छोटा था. दोनों बहनों और बड़े भाई की शादी हो चुकी है. ग्रामीणों ने बताया कि राजू बेहद शांत, मिलनसार और मेहनती स्वभाव का युवक था. उसकी असमय मौत ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया है. हर कोई यही कह रहा है कि अगर किस्मत ने साथ दिया होता तो कुछ ही दिनों में राजू वर्दी पहनकर देश सेवा करता, लेकिन उससे पहले ही मौत ने उसे अपने आगोश में ले लिया.

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