बेलदौर. नपं के पीएचसी से महज 50 मीटर दूर पीडब्ल्यूडी पथ किनारे संचालित आयुष निजी हास्पिटल पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है. बावजूद संचालक अपने पहुंच पैरवी के दम पर हास्पिटल का संचालन जारी रखें हुए हैं. इससे शासन प्रशासन पर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं. शनिवार को सीएस के निर्देश पर बेलदौर भगवती स्थान के समीप संचालित आयुष नाम के एक निजी अस्पताल की जांच करने जब गठित जांच टीम पहुंची एवं अवैध रूप से संचालित अल्ट्रासाउंड, आपरेशन कक्ष आदि की जांच कर इलाजरत करीब आधे दर्जन गंभीर मरीजों से पूछताछ करने लगी तो जांच से भड़के अस्पताल संचालक एवं सहयोगी जांच टीम में शामिल चिकित्सक एवं कर्मी से बदसलूकी कर उन्हें भगा दिया. इसको लेकर पीएचसी के चिकित्सक डॉक्टर अभिनव विशाल ने पीएचसी प्रभारी एवं सिविल सर्जन को पत्र भेज कर स्थिति से अवगत करवाते हुए आयुष हॉस्पिटल के संचालक पर कार्रवाई करने का अनुरोध किया है. जानकारी के अनुसार शनिवार को सीएस के निर्देश पर पीएचसी प्रभारी डॉ मुकेश कुमार ने टीम गठित कर आयूष हास्पिटल की वैधता, चिकित्सक समेत कर्मियों की स्थिति समेत स्वास्थ्य संबंधी मानकों के जांच करने के निर्देश दिये. गठित टीम में शामिल पीएचसी के डॉ अभिनव विशाल, बीएचएम अशोक यादव, प्रधान लिपिक त्रिपुरारी कुमार एवं डाटा एंट्री ऑपरेटर सौरभ कुमार आयुष हास्पिटल पहुंचे. जहां बच्चेदानी का आपरेशन करवाने को लेकर भर्ती मरीज भैंसाडीह गांव निवासी मिलन देवी एवं एक सप्ताह पूर्व ही आपरेशन करवाई अन्य महिला से पूछताछ कर बयानों को कलमबद्ध किया गया. इसके बाद उक्त नर्सिंग होम में संचालित मेडिकल हॉल, अल्ट्रासाउंड सेंटर एवं मरीज का ऑपरेशन करने संबंधित लाइसेंस की मांग की गई. जिसके बाद संचालक भड़क उठे और संचालक अपने अन्य सहयोगियों के साथ जांच टीम के सदस्यों के साथ बदसलूकी करते हुए धक्के मार कर बाहर कर दिया. इस मामले को लेकर डॉक्टर अभिनव विशाल ने बताया संचालक व उनके सहयोगियों द्वारा बदसलूकी करने एवं सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करने को लेकर विभागीय पदाधिकारी को पत्र भेजकर आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया है.
आयुष नर्सिंग होम की जांच करने पहुंची टीम, संचालक ने बदसलूकी कर भगाया
इससे शासन प्रशासन पर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं
