परबत्ता के तत्कालीन और गोगरी के वर्तमान थानाध्यक्ष अरविंद कुमार पर बढ़ी कार्रवाई की आशंका गोगरी. गोगरी के वर्तमान थानाध्यक्ष अरबिंद कुमार की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. परबत्ता थाना प्रभारी रहते हुए निलंबन अवधि के दौरान गणतंत्र दिवस पर ध्वजारोहण करने के मामले में पटना हाईकोर्ट ने गंभीर रुख अपनाते हुए खगड़िया के पुलिस अधीक्षक एवं बेगूसराय के डीआईजी से जवाब तलब किया है. जानकारी के अनुसार, अरबिंद कुमार को परबत्ता थानाध्यक्ष रहते हुए कथित लापरवाही के आरोप में बेगूसराय डीआईजी द्वारा आदेश संख्या 36/2026, मेमो संख्या 38, दिनांक 24 जनवरी 2026 के तहत निलंबित किया गया था. आरोप है कि निलंबन के बावजूद उन्होंने 26 जनवरी 2026 को परबत्ता थाना परिसर में गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया और थानाध्यक्ष के रूप में कार्य करते रहे. हाईकोर्ट ने जताई नाराजगी पटना हाईकोर्ट में चल रहे एमजेसी संख्या 4398/2024 की सुनवाई के दौरान न्यायालय के संज्ञान में यह मामला आया. जिसके बाद न्यायालय ने खगड़िया एसपी को निर्देश दिया है कि वे बेगूसराय के संबंधित डीआईजी से विचार-विमर्श कर विस्तृत जवाब दाखिल करें. 24 जुलाई को होगी अगली सुनवाई मामले की अगली सुनवाई 24 जुलाई को निर्धारित की गई है. अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि कोर्ट में अगली सुनवाई से पहले बेगूसराय डीआईजी और खगड़िया एसपी इस मामले में कोई विभागीय कार्रवाई करते हैं या नहीं. न्यायालय के निर्देशों के बाद पुलिस महकमे में भी इस प्रकरण को लेकर चर्चा तेज हो गई है. क्या है नियम पुलिस विभाग के जानकार अधिकारियों के अनुसार निलंबन की स्थिति में किसी भी अधिकारी को अपने पद से जुड़े आधिकारिक दायित्वों का निर्वहन करने का अधिकार नहीं होता है. ऐसे में किसी निलंबित थानाध्यक्ष द्वारा आधिकारिक रूप से ध्वजारोहण करना सेवा नियमों एवं विभागीय प्रोटोकॉल का उल्लंघन माना जा सकता है. इस स्थिति में संबंधित अधिकारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रावधान है.
निलंबन के दौरान थानाध्यक्ष ने किया था ध्वजारोहण, हाईकोर्ट ने एसपी और डीआईजी से मांगा जवाब
आरोप है कि निलंबन के बावजूद उन्होंने 26 जनवरी 2026 को परबत्ता थाना परिसर में गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया और थानाध्यक्ष के रूप में कार्य करते रहे.हाईकोर्ट ने जताई नाराजगी
