सदर अस्पताल में होगी डीएनबी स्त्री व प्रसूति रोग विशेषज्ञ की पढ़ाई, किया गया अनुबंध

स्त्री एवं प्रसूति रोग में मिलेगी पोस्ट डिप्लोमा की डिग्री

-नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज से मिली मान्यता -स्त्री एवं प्रसूति रोग में मिलेगी पोस्ट डिप्लोमा की डिग्री खगड़िया. सदर अस्पताल को स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ ने दो सीटों के साथ डीएनबी पाठ्यक्रम चलाने की मान्यता मिली है. नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज द्वारा स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में प्रति वर्ष दो सीटों के लिए डीएनबी कोर्स की मान्यता दी गयी है. शुक्रवार को डीएनबी प्रबंधन से जुड़े राज्य स्तरीय अधिकारी प्रभाकर सिन्हा व नीलाभ राज सदर अस्पताल पहुंचे. उन्होंने डीएनबी कोर्स से जुड़ा इकरारनामा सिविल सर्जन डॉ रमेंद्र कुमार को सौंपा. डीएनबी के राज्य स्तरीय अधिकारी प्रभाकर सिन्हा ने बताया कि नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज से स्त्री व प्रसूति रोग संकाय में पोस्ट डिप्लोमा प्रोग्राम के लिए भारत-सरकार द्वारा 16 जिला अस्पताल को मान्यता दी गई है. जिसमें 08 जिले में सुचारू रूप से चलाया जा रहा है. 08 अन्य सदर अस्पताल में जल्द ही शुरूआत की जाएगी. उन्होंने बताया कि हर वर्ष नीट क्वालीफाई करने के उपरांत एक नेशनल कोटे और स्टेट कोटे से पोस्ट डिप्लोमा प्रोग्राम के लिए चयन किये गये छात्रों को हॉस्टल, रहने खाने-पीने की सुविधा राज्य सरकार द्वारा दी जाएगी. सिविल सर्जन डॉ रमेंद्र कुमार ने कहा कि सामूहिक प्रयास व टीम वर्क से महत्वपूर्ण उपलब्धि मिली है. उन्होंने कहा कि सदर अस्पताल को डीएनबी कोर्स की मान्यता मिलना जिला स्वास्थ्य विभाग ही नहीं जिलावासियों के लिए गर्व की बात है. अब यहां विशेषज्ञ फैकल्टी के निर्देशन में दो प्रशिक्षु गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण हासिल करेंगे. इससे जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में गुणात्मक सुधार होगा. उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए सदर अस्पताल की पूरी टीम बधाई के पात्र हैं. सामूहिक प्रयास व टीम वर्क के कारण सदर अस्पताल को यह महत्वपूर्ण उपलब्धि प्राप्त हुई है. बताया कि केंद्र सरकार के अधीन एक स्वायत्त संस्था एनबीइएमएस द्वारा चलाये जा रहे कार्यक्रम के तहत सत्र 2025-2028 में स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ के दो सीटों पर पढ़ाई शुरु होगी. उन्होंने कहा कि जिस तरह एमबीबीएस के बाद मेडिकल कॉलेजों में आम तौर पर अलग अलग विषयों में एमडी और एमएस की पढ़ाई होती है. उसी तरह डीएनबी पाठ्यक्रम का संचालन होता है. दोनों ही डिग्रियों की मान्यता एक जैसी होती है. डीएनबी के छात्र के यहां पढ़ने से मरीजों की सुविधा मिलेगी. डॉक्टर की कमी को पूरा करने में मदद मिलेगी. सदर अस्पताल को उपलब्धि मिली है. उन्होंने कहा कि सदर अस्पताल के डॉ संजू कुमारी को डायरेक्टर बनाया गया है. मौके पर सदर अस्पताल प्रबंधक प्रणव कुमार, डाटा ऑपरेटर कुमार राजन आदि मौजूद थे.

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By Rajkishore singh

राजकिशोर सिंह प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. अभी प्रभात खबर के खगड़िया कार्यालय में काम कर रहे हैं. शिक्षा, अनुसंधान, कला-संस्कृति, राजनीति की खबरों में रुचि रखते हैं.

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