जन समाधान शिविर में नहीं पहुंचे लोग, फरियादियों की राह देखते रह गये पदाधिकारी

मकर संक्रांति पर्व के दिन शिविर के आयोजन को लेकर स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखी गई

परबत्ता. प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत सियादतपुर अगुवानी पंचायत के डुमरिया बुजुर्ग स्थित बिहार सरकार भवन परिसर में आयोजित जन समाधान शिविर बुधवार को पूरी तरह फेल साबित हुआ. मकर संक्रांति पर्व के दिन शिविर के आयोजन को लेकर स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखी गई. ग्रामीणों का आरोप है कि न तो पूर्व सूचना दी गई, न ही प्रचार-प्रसार, और शिविर में पहुंचे कर्मियों द्वारा केवल औपचारिकता निभाई जा रही है. शिविर में अल्पसंख्यक विभाग, कल्याण विभाग, पंचायती राज विभाग, विद्युत विभाग, लोक स्वास्थ्य प्रमंडल, मनरेगा विभाग, आईसीडीएस, जिला बाल संरक्षण इकाई, श्रम संसाधन विभाग, जीविका सहित कई विभागों के कर्मी और प्रतिनिधि मौजूद थे. स्थानीय ग्रामीण प्रहलाद मंडल, गिरिधारी मिश्र, सोनू कुमार, सतीश मिश्रा, गुड्डू हजारी सहित अन्य ने खुलकर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि “शिविर का उद्देश्य जनता की समस्या सुलझाना है, लेकिन यहां तो सिर्फ कागजी खानापूर्ति हो रही है. ग्रामीणों का यह भी कहना था कि कई बार लोग दूर-दराज से उम्मीद लेकर आते हैं, लेकिन उन्हें ‘आवेदन दीजिए, बाद में देखेंगे’ कहकर टाल दिया जाता है. इससे जन समाधान शिविर की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो गए हैं. शिविर में मौजूद पदाधिकारियों ने सफाई देते हुए कहा कि “हम सभी कर्मचारी वरीय अधिकारियों के आदेशानुसार समय पर पहुंचे हैं. स्थानीय लोगों ने मांग की कि शिविर की तिथि तय करने से पहले पूर्व सूचना, प्रचार और पंचायत स्तर पर माइकिंग सुनिश्चित की जाए, ताकि वास्तविक समस्याग्रस्त लोग पहुंच सकें और समाधान की प्रक्रिया पारदर्शी बने.

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By RAJKISHORE SINGH

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