कसरैया धार को पर्यटन का नया केंद्र बनाने के लिए वन विभाग की टीम ने किया सर्वे

विधायक ने कहा कि यदि कसरैया धार को सुनियोजित तरीके से पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाता है.

जल्द तैयार होगी डीपीआर, रोजगार और विकास की खुलेगी नई राह

खगड़िया. अपनी प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक महत्व और अनुपम छटा के लिए प्रसिद्ध कसरैया धार अब पर्यटन स्थल बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर बुधवार को वन विभाग की उच्चस्तरीय टीम ने कसरैया धार क्षेत्र का विस्तृत निरीक्षण किया. इस सर्वेक्षण के साथ ही कसरैया धार को पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की उम्मीदें और मजबूत हो गई है. निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी नवीन कुमार, सदर विधायक बबलू कुमार मंडल, उप विकास आयुक्त श्वेता भारती, एसडीओ धनंजय कुमार, विशेष कार्य पदाधिकारी विवेक सुगंध, वन क्षेत्र पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे. सदर विधायक बबलू कुमार मंडल ने टीम को कसरैया धार के ऐतिहासिक और सामाजिक महत्व से अवगत कराया. उन्होंने बताया कि कसरैया धार जिले की एक महत्वपूर्ण प्राकृतिक धरोहर है. जो मानसी, गोगरी और चौथम प्रखंड के कई पंचायतों को स्पर्श करती है. यह क्षेत्र वर्षों से अपनी सुंदरता, जल संसाधन और स्थानीय सांस्कृतिक पहचाने के लिए जाना जाता रहा है. विधायक ने कहा कि यदि कसरैया धार को सुनियोजित तरीके से पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाता है. तो यह पूरे जिले के लिए मील का पत्थर साबित होगा.

युवाओं को रोजगार का मिलेगा नया अवसर

इससे न केवल स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे. बल्कि क्षेत्र की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी. छोटे व्यवसाय, होटल, नाव संचालन, हस्तशिल्प, खान-पान और परिवहन जैसे क्षेत्रों में भी विकास की नई संभावनाएं खुलेंगी. उन्होंने कहा कि कसरैया धार का मुद्दा उन्होंने विधानसभा सत्र के दौरान प्रमुखता से उठाया था. सदन में उन्होंने मांग की थी कि इस ऐतिहासिक झीलनुमा क्षेत्र को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाय. बताया जाता है कि सर्वेक्षण के बाद वन विभाग जल्द ही कसरैया धार के विकास के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार करेगा. डीपीआर में क्षेत्र के सौंदर्यीकरण, जल संरक्षण, पार्क, पैदल पथ, नौकायन, हरित क्षेत्र, प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था और पर्यटन सुविधाओं का खाका तैयार किया जाएगा. इसके बाद सरकार को रिपोर्ट सौंपकर निर्माण एवं जीर्णोद्धार कार्य शुरू कराया जाएगा. साथ ही युवाओं को रोजगार मिलेगा और पलायन की समस्या भी कम होगी. विधायक ने कहा कि उनका लक्ष्य केवल सड़क और पुल बनवाना नहीं, बल्कि खगड़िया की पहचान और प्राकृतिक धरोहरों को नई पहचान दिलाना भी है.

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By RAJKISHORE SINGH

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