Khagaria News: भूमिहीन परिवारों को सरकारी जमीन का पर्चा और बंदोबस्ती मिलने की उम्मीद थी. लेकिन आरोप है कि इसी सरकारी लाभ के नाम पर कुछ लोगों से पैसे लिये गये. खगड़िया जिले के परबत्ता प्रखंड की सौढ़ उत्तरी पंचायत के सतीशनगर वार्ड संख्या-6 में सामने आये इस मामले ने प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिये हैं.
मामले को गंभीरता से लेते हुए अंचल अधिकारी, परबत्ता ने 20 अगस्त 2026 को पसराहा थाना के थानाध्यक्ष को पत्र भेजकर प्राथमिकी दर्ज करने की दिशा में कार्रवाई करने का अनुरोध किया है. अंचल कार्यालय के पत्र में वार्ड सदस्य मुरारी मंडल पर भूमिहीन लाभार्थियों से पर्चा दिलाने के नाम पर कथित रूप से अलग-अलग राशि लेने का आरोप लगाया गया है.
किससे कितने पैसे लेने का आरोप, जांच में क्या आया सामने
अंचल कार्यालय से जारी पत्र के अनुसार, अभियान बसेरा-2 के तहत सतीशनगर में भूमिहीन परिवारों को पर्चा वितरण की प्रक्रिया चल रही थी. इसी दौरान लाभार्थियों से कथित वसूली की शिकायत सामने आयी.
जांच से संबंधित दस्तावेज में 16 भूमिहीन लाभार्थियों से प्रति लाभार्थी 1,000 रुपये लेने का उल्लेख किया गया है. इसके अलावा तीन लाभार्थियों से 500-500 रुपये, एक लाभार्थी से 5,500 रुपये और दो लाभार्थियों से 5-5 हजार रुपये लिये जाने की बात सामने आने का उल्लेख है.
यानी जिन परिवारों को सरकारी योजना के तहत जमीन का लाभ मिलना था, उन्हीं से पर्चा दिलाने के नाम पर कथित रूप से पैसे लिये जाने का आरोप है.
पहले भी करीब दो दर्जन महिलाओं ने की थी शिकायत
यह मामला अचानक सामने नहीं आया. इससे पहले सतीशनगर की करीब दो दर्जन महिलाओं ने अंचलाधिकारी को आवेदन देकर पर्चा-बंदोबस्ती के नाम पर कथित अवैध वसूली की शिकायत की थी.
शिकायतकर्ताओं ने वार्ड सदस्य पर प्रति व्यक्ति 16 हजार रुपये तक लिये जाने का आरोप लगाया था. शिकायत सामने आने के बाद अंचल प्रशासन ने मामले की जांच करायी.
संबंधित हल्का के राजस्व कर्मचारी से भी जांच करायी गयी. अंचल कार्यालय को प्राप्त जांच प्रतिवेदन में भूमिहीन लाभार्थियों से पर्चा दिलाने के नाम पर राशि लिये जाने की बात सामने आने का उल्लेख किया गया है.
भूमिहीन परिवारों के लिए पर्चा क्यों है इतना महत्वपूर्ण
अभियान बसेरा-2 के तहत भूमिहीन परिवारों को जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को आवास के लिए जमीन का अधिकार दिलाना है. ऐसे परिवारों के लिए पर्चा केवल एक सरकारी कागज नहीं, बल्कि अपने घर और स्थायी ठिकाने की उम्मीद से जुड़ा होता है.
सतीशनगर में भी जिन परिवारों ने पर्चा-बंदोबस्ती के लिए आवेदन किया, उनके सामने आर्थिक और सामाजिक परेशानियां पहले से हैं. ऐसे में सरकारी लाभ दिलाने के नाम पर कथित राशि वसूले जाने का आरोप सामने आना उनके लिए अतिरिक्त परेशानी का कारण बन गया.
सीओ ने माना, पर्चा के नाम पर पैसा लेना अपराध
अंचल अधिकारी के स्तर से भेजे गये पत्र में स्पष्ट किया गया है कि भूमिहीन परिवारों से पर्चा दिलाने के नाम पर राशि लेना अपराध है. इसी आधार पर पसराहा थाना से प्राथमिकी दर्ज करने की दिशा में कार्रवाई का अनुरोध किया गया है.
मामले में प्रशासन की जांच के बाद अब पुलिस की कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है. शिकायत और जांच प्रतिवेदन में सामने आये तथ्यों के आधार पर प्राथमिकी दर्ज होने के बाद मामले की कानूनी जांच आगे बढ़ेगी.
अब पुलिस की जांच से खुलेगा पूरा मामला
पसराहा थानाध्यक्ष राजीव रंजन कुमार ने बताया कि अंचल कार्यालय से आवेदन प्राप्त हुआ है. मामले की जांच की जा रही है. जांच के बाद प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई की जाएगी.
फिलहाल आरोपों की अंतिम पुष्टि पुलिस जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होगी. हालांकि अंचल स्तर की जांच में कथित वसूली का उल्लेख होने के बाद यह मामला प्रशासनिक निगरानी के दायरे में आ गया है.
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस जांच में किन-किन लाभार्थियों के बयान लिये जाते हैं, कथित वसूली से जुड़े आरोप कितने सही साबित होते हैं और यदि आरोप प्रमाणित होते हैं तो संबंधित लोगों पर क्या कार्रवाई की जाती है.
Khagaria News: सरकारी लाभ और बिचौलियों के बीच सबसे बड़ा सवाल
सतीशनगर का यह मामला केवल कथित अवैध वसूली तक सीमित नहीं है. यह सवाल भी खड़ा करता है कि सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पात्र परिवारों तक पहुंचाने की प्रक्रिया कितनी पारदर्शी है.
भूमिहीन और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सरकारी योजना का लाभ लेने के लिए यदि किसी व्यक्ति को पैसे देने पड़ते हैं, तो इससे योजना के मूल उद्देश्य पर ही सवाल खड़ा होता है. ऐसे मामलों में प्रशासन की जिम्मेदारी केवल शिकायत की जांच तक सीमित नहीं रहती, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी जरूरी होता है कि पात्र लाभार्थियों को बिना किसी अतिरिक्त आर्थिक बोझ के उनका अधिकार मिले.
सतीशनगर में अब प्रशासनिक जांच के बाद पुलिस कार्रवाई की बारी है. प्राथमिकी और जांच के परिणाम से ही यह स्पष्ट होगा कि पर्चा-बंदोबस्ती के नाम पर कथित वसूली का पूरा नेटवर्क क्या था और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे.
