मध्यस्थता विधि से वैवाहिक, दावा, घरेलू हिंसा, चेक बाउंस मुकदमाें का होगा निस्तारण

चिन्हित वादों के पक्षकार को भी मध्यस्थता की नियत तिथि के संबंध में न्यायालय द्वारा सूचित किया जाएगा

खगड़िया. व्यवहार न्यायालय में लंबित विभिन्न प्रकृति के वादों का निष्पादन उभय पक्ष के बीच मध्यस्थता कराया जाएगा. जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव चंदन कुमार द्वारा बताया गया कि मध्यस्थता एवं सुलह परियोजना समिति, सर्वोच्च न्यायालय नई दिल्ली ने उपर्युक्त कैंपेन जारी किया है. कैंपेन का उद्देश्य न्यायालय में लंबित विभिन्न तरह के वाद यथा वैवाहिक वाद, दावा वाद, घरेलू हिंसा से संबंधित वाद, चेक बाउंस से संबंधित वाद, व्यवसायिक वाद, सेवा संबंधी वाद, सुलहनीय आपराधिक वाद, पार्टीशन वाद, इविक्शन वाद आदि का निष्पादन उभय पक्ष के बीच मध्यस्थता करने का निर्णय लिया गया है. इस कैंपेन के तहत आगामी 31 जनवरी 2026 तक न्यायालय द्वारा ऐसे वादों को चिन्हित किया जाएगा. जिसमें उभय पक्ष के बीच सुलह की संभावना हो तथा ऐसे चिन्हित वाद को उभय पक्ष के बीच मध्यस्थता कराने के लिए मध्यस्थता केंद्र में भेजा जाएगा. चिन्हित वादों के पक्षकार को भी मध्यस्थता की नियत तिथि के संबंध में न्यायालय द्वारा सूचित किया जाएगा. नियत तिथि को उभय पक्ष मध्यस्थता केंद्र में उपस्थित होकर मध्यस्थता की प्रक्रिया में भाग लेंगे. जहां मध्यस्थता केंद्र के प्रतिनियुक्त मध्यस्थ उभय पक्ष के बीच मध्यस्थता करने का प्रयास करेंगे. मध्यस्थता के दौरान अगर उभय पक्ष के बीच सहमति बन जाती है तो ऐसे वाद का निष्पादन त्वरित रूप से न्यायालय द्वारा मध्यस्थता के दौरान हुए शर्तों पर कर दिया जाएगा. उक्त जारी किए गए मध्यस्थता कैंपेन में अधिक से अधिक वादों के निष्पादन के लिए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देशानुसार तैयारियां जोर शोर से की जा रही है.

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