खगड़िया से अमित कुमार की रिपोर्ट
Khagaria News: खगड़िया जिले के बेलदौर निवासी और शिक्षा निकेतन के संस्थापक मिथिलेश यादव को शिक्षा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए नई दिल्ली में आयोजित एक भव्य समारोह में मानद डॉक्टरेट उपाधि से सम्मानित किया गया. यह सम्मान World Cultural And Educational Organisation द्वारा शिक्षा, समाज सेवा और छात्र हित में उनके दीर्घकालीन कार्यों को देखते हुए प्रदान किया गया.
संगठन के प्रतिनिधियों ने बताया कि मिथिलेश यादव पिछले 17 वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं. इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों के शैक्षणिक और व्यक्तित्व विकास के लिए कई महत्वपूर्ण पहल की हैं.
शिक्षा के साथ समाज सेवा का भी मजबूत अभियान
मिथिलेश यादव शिक्षा निकेतन के संस्थापक होने के साथ-साथ श्रीयादव वेलफेयर फाउंडेशन ऑल ओवर इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं. उनके नेतृत्व में फाउंडेशन हर वर्ष प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण होने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को “श्रीयादव सम्मान” देकर प्रोत्साहित करता है.
इसके अलावा संगठन गरीब और जरूरतमंद विद्यार्थियों की सहायता, शिक्षा के प्रचार-प्रसार और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों का भी संचालन करता रहा है. इन पहलों का लाभ बड़ी संख्या में छात्रों और युवाओं को मिला है.
अब डॉ. मिथिलेश यादव के नाम से होगी पहचान
मानद डॉक्टरेट उपाधि मिलने के बाद अब मिथिलेश यादव को डॉ. मिथिलेश यादव के नाम से जाना जाएगा. सम्मान समारोह में संगठन ने शिक्षा और सामाजिक उत्थान के क्षेत्र में उनके समर्पण, नेतृत्व क्षमता और निरंतर प्रयासों की सराहना की.
डॉ. मिथिलेश यादव ने सम्मान प्राप्त करने के बाद संगठन के कार्यकारी बोर्ड और निर्णायक मंडल के प्रति आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि यह सम्मान उनके लिए गर्व और जिम्मेदारी दोनों का विषय है.
युवाओं और छात्रों के लिए बने प्रेरणा
डॉ. मिथिलेश यादव ने कहा कि यह उपलब्धि उन्हें शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में और अधिक निष्ठा और समर्पण के साथ काम करने की प्रेरणा देगी. उन्होंने भविष्य में भी शिक्षा के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की प्रतिबद्धता दोहराई.
उनकी इस उपलब्धि पर छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों और शुभचिंतकों ने खुशी जताते हुए उन्हें बधाई दी है. क्षेत्र के लोगों का मानना है कि यह सम्मान न केवल मिथिलेश यादव की व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि खगड़िया जिले के लिए भी गौरव का विषय है.
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