खगड़िया में सड़क पर झुके पेड़ बन रहे हादसों की वजह, कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी

Khagaria news: जानकारी के अनुसार कोसी की लाइफलाइन माने जाने वाले बीपी मंडल सेतु के उसराहा चौक से डुमरी बाजार होते हुए इतमादी गांव तक जाने वाली मुख्य सड़क की स्थिति काफी खराब हो चुकी है. सड़क पर जगह-जगह रेनकट बनने से बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.

उसराहा-चौढ़ली जिमिंदारी बांध सह पथ पर आवागमन प्रभावित, ग्रामीणों ने की छंटाई और मरम्मत की मांग

बेलदौर (खगड़िया) से अमित सिंह की रिपोर्ट:

Khagaria news: प्रखंड क्षेत्र के सुदूरवर्ती इलाकों को जोड़ने वाली उसराहा-चौढ़ली-इतमादी जिमिंदारी बांध सह पथ पर सड़क किनारे लगे पेड़ों की झुकी टहनियां और जर्जर सड़क राहगीरों के लिए परेशानी का कारण बन गई हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर झुके पेड़ों के कारण मार्ग संकीर्ण हो गया है, जिससे दुर्घटना की आशंका लगातार बनी रहती है.

जानकारी के अनुसार कोसी की लाइफलाइन माने जाने वाले बीपी मंडल सेतु के उसराहा चौक से डुमरी बाजार होते हुए इतमादी गांव तक जाने वाली मुख्य सड़क की स्थिति काफी खराब हो चुकी है. सड़क पर जगह-जगह रेनकट बनने से बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.

ग्रामीणों ने बताया कि हाल के दिनों में आए तेज आंधी-तूफान के कारण कई पेड़ों की मोटी टहनियां सड़क की ओर झुक गई हैं. इससे बाइक सवारों, साइकिल चालकों और अन्य वाहन चालकों के लिए खतरा और बढ़ गया है. विशेषकर रात के समय और खराब मौसम में इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों को दुर्घटना का डर बना रहता है.

स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क की बदहाल स्थिति और झुकी हुई टहनियों की समस्या को लेकर अब तक प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस पहल नहीं की गई है. ग्रामीणों का कहना है कि किसी बड़े हादसे के बाद ही अधिकारी और जनप्रतिनिधि इस ओर ध्यान देंगे.

ग्रामीणों ने बताया कि यह मार्ग इतमादी, चौढ़ली, बलैठा समेत एक दर्जन से अधिक गांवों और टोले-मुहल्लों के लोगों के लिए आवागमन का प्रमुख साधन है. इसके बावजूद सड़क की मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था की अनदेखी की जा रही है.

ग्रामीणों ने यह भी बताया कि यह सड़क जिमिंदारी बांध पर बनी हुई है. कोसी नदी में लाल पानी का प्रवाह शुरू हो चुका है, ऐसे में संभावित कटाव और बाढ़ के खतरे को देखते हुए बांध की सुरक्षा भी अत्यंत महत्वपूर्ण है. बावजूद इसके संबंधित विभाग और अधिकारी इस दिशा में गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं.

ग्रामीणों ने प्रशासन से अविलंब सड़क पर बने रेनकट की मरम्मत कराने, झुके हुए पेड़ों की छंटाई कराने तथा बांध की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए आवागमन को सुरक्षित और सुचारु बनाने की मांग की है.

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By Shruti Kumari

श्रुति कुमारी एक पत्रकार और डिजिटल कंटेंट राइटर हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से अंग्रेजी पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा प्राप्त किया है। वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें विभिन्न प्लाटफॉर्म्स पर डिजिटल पत्रकारिता और कंटेंट राइटिंग का लगभग दो वर्षों का अनुभव है। सामाजिक मुद्दों, महिला सशक्तिकरण, राजनीति, शिक्षा और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लिखना उनकी विशेष रुचि का क्षेत्र है। इसके अलावा वे डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए स्क्रिप्ट राइटिंग करती हैं तथा हिंदी कविता और अंगिका भाषा में लेखन का भी शौक रखती हैं। प्रकृति से उनका विशेष लगाव है और वे मानती हैं कि संवेदनशील, तथ्यपरक और जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता समाज में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बन सकती है।

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