अमित कुमार की रिपोर्ट.
Khagaria News: खगड़िया जिले के बेलदौर प्रखंड में बस किराये को लेकर यात्रियों और बस संचालकों के बीच विवाद गहराता जा रहा है. यात्रियों का आरोप है कि कई रूटों पर निर्धारित दर से अधिक किराया वसूला जा रहा है, जिससे आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है. दूसरी ओर बस संचालकों का कहना है कि बढ़ती परिचालन लागत के कारण वर्तमान किराया दर व्यवहारिक नहीं रह गई है और इसमें संशोधन की जरूरत है.
यात्रियों का आरोप, तय दर से ज्यादा वसूला जा रहा किराया
स्थानीय यात्रियों का कहना है कि सरकार द्वारा बस किराया 1.71 रुपये प्रति किलोमीटर निर्धारित किए जाने के बावजूद कई रूटों पर लगभग 3 रुपये प्रति किलोमीटर तक किराया लिया जा रहा है. इसे लेकर यात्रियों और बस कर्मियों के बीच आए दिन बहस और विवाद की स्थिति बन जाती है.
यात्रियों का दावा है कि कई मार्गों पर निर्धारित किराये से 8 से 20 रुपये तक अतिरिक्त राशि ली जा रही है. बेलदौर-जीरोमाइल, बेला नौवाद, माली, राजा सोनबर्षा, बिहारीगंज और आलमनगर जैसे रूटों पर भी ऐसी शिकायतें सामने आई हैं.
इन रूटों पर यह है निर्धारित किराया
बस संचालकों के अनुसार खगड़िया से बेलदौर (करीब 50 किलोमीटर) का निर्धारित किराया 80 रुपये है. बेलदौर से उसराहा के लिए 30 रुपये, बेलदौर से महेशखूंट के लिए 60 रुपये तथा आलमनगर से खगड़िया के लिए 120 रुपये निर्धारित हैं.
हालांकि यात्रियों का कहना है कि व्यवहार में उनसे इन दरों से अधिक राशि ली जा रही है, जिससे रोजाना यात्रा करने वाले लोगों की परेशानी बढ़ रही है.
बस मालिक बोले, बढ़ती लागत ने बढ़ाई मुश्किलें
बस संचालकों का कहना है कि वर्ष 2021 में जिला प्रशासन द्वारा साधारण बसों के लिए 1.60 रुपये प्रति किलोमीटर तथा एसी बसों के लिए 2 रुपये प्रति किलोमीटर की दर तय की गई थी. बाद में किराया बढ़ाकर 1.71 रुपये प्रति किलोमीटर किया गया.
उनका तर्क है कि बीते कुछ वर्षों में डीजल, टायर, स्पेयर पार्ट्स और अन्य परिचालन खर्चों में भारी वृद्धि हुई है. बस मालिकों के अनुसार जो टायर पहले करीब 8 हजार रुपये में मिलता था, उसकी कीमत अब 13 हजार रुपये तक पहुंच गई है. ऐसे में वर्तमान किराया दर पर संचालन करना कठिन हो रहा है.
डीटीओ से किराया संशोधन की मांग
बस संचालकों ने कहा है कि जल्द ही एक प्रतिनिधिमंडल जिला परिवहन पदाधिकारी (डीटीओ) से मुलाकात कर किराया दर को कम से कम 2 रुपये प्रति किलोमीटर निर्धारित करने की मांग करेगा.
संचालकों का यह भी कहना है कि कुछ लोगों की मनमानी वसूली के कारण पूरे परिवहन व्यवसाय की छवि खराब हो रही है.
प्रशासनिक हस्तक्षेप की मांग
वहीं यात्रियों ने जिला प्रशासन और परिवहन विभाग से निर्धारित किराया सूची का सख्ती से पालन कराने की मांग की है. उनका कहना है कि नियमित जांच और प्रभावी कार्रवाई के बिना अधिक किराया वसूली पर रोक लगाना संभव नहीं होगा.
अब लोगों की नजर प्रशासन पर है कि वह यात्रियों की शिकायतों और बस संचालकों की मांगों के बीच संतुलन बनाते हुए क्या कदम उठाता है.
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