Khagaria News: गोगरी (खगड़िया). ग्रीष्मावकाश समाप्त होने के बाद सोमवार से विद्यालयों में एक बार फिर बच्चों की किलकारियां गूंजने लगीं. मध्य विद्यालय जमालपुर में विद्यालय खुलते ही बच्चों का गर्मजोशी से स्वागत किया गया. प्रधानाध्यापक विजेंद्र मंडल के नेतृत्व में शिक्षकों ने विद्यालय पहुंचे बच्चों को माला पहनाकर उनका अभिनंदन किया.
शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार अनुमंडल क्षेत्र समेत जिले के सभी सरकारी विद्यालयों में कक्षा एक से आठ तक के विद्यार्थियों के लिए 22 से 27 जून तक ‘स्वागत सप्ताह’ अथवा ‘बैक टू स्कूल’ कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है. ‘हर बच्चे का स्वागत, हर सपने का सम्मान’ थीम पर आधारित इस अभियान का उद्देश्य बच्चों को दोबारा विद्यालय से भावनात्मक, सामाजिक और शैक्षणिक रूप से जोड़ना है.
लंबे अवकाश के बाद बच्चों को स्कूल से जोड़ने की पहल
प्रधानाध्यापक विजेंद्र मंडल ने बताया कि लंबे अवकाश के बाद अक्सर विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति प्रभावित होती है. इससे उनकी पढ़ाई की निरंतरता टूट जाती है और शैक्षणिक माहौल भी प्रभावित होता है. इसी को ध्यान में रखते हुए शिक्षा विभाग ने सभी विद्यालयों को बच्चों के अनुकूल, आनंददायक और प्रेरणादायी वातावरण तैयार करने का निर्देश दिया है.
विद्यालय परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया
स्वागत सप्ताह के तहत मध्य विद्यालय जमालपुर परिसर को आकर्षक तरीके से सजाया गया. विद्यालय के प्रवेश द्वार पर शिक्षकों ने बच्चों का आत्मीय स्वागत किया. कई विद्यालयों में लाउडस्पीकर के माध्यम से बच्चों और अभिभावकों को विद्यालय आने के लिए प्रेरित भी किया गया.
चेतना सत्र के दौरान प्रेरक कहानियां, कविताएं, महापुरुषों के जीवन प्रसंग और विभिन्न रोचक गतिविधियों का आयोजन किया गया, ताकि बच्चे सहज रूप से फिर से पढ़ाई की ओर लौट सकें.
Khagaria News: हर दिन अलग थीम पर होंगी गतिविधियां
प्रधानाध्यापक विजेंद्र मंडल ने बताया कि स्वागत सप्ताह के प्रत्येक दिन को अलग-अलग विषयों से जोड़ा गया है. ‘स्वागत एवं पुनर्मिलन’, ‘मैंने देखा-मेरा अनुभव’, ‘मेरी सीख’, ‘मेरा सपना-मेरी उड़ान’ तथा ‘उपलब्धियों का उत्सव’ जैसे विषयों के माध्यम से बच्चों की रचनात्मकता और सहभागिता को बढ़ावा दिया जाएगा.
सप्ताह के अंतिम दिन अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा. इसमें बच्चों के विकास और विद्यालय की प्रगति पर चर्चा की जाएगी. साथ ही उत्कृष्ट उपस्थिति और बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों तथा सहयोगी अभिभावकों को सम्मानित भी किया जाएगा.
केवल उपस्थिति नहीं, बच्चों से भावनात्मक जुड़ाव भी लक्ष्य
प्रभारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी मनोरंजन कुमार ने कहा कि स्वागत सप्ताह का उद्देश्य केवल बच्चों की उपस्थिति बढ़ाना नहीं, बल्कि उन्हें विद्यालय से भावनात्मक रूप से जोड़ना भी है. उन्होंने विद्यालयों से ऐसा माहौल तैयार करने की अपील की, जहां प्रत्येक बच्चा स्वयं को सुरक्षित, सम्मानित और प्रेरित महसूस कर सके.
इसे भी पढ़ें: बिहार बुलेट ट्रेन पर बड़ा अपडेट, पटना से दिल्ली सिर्फ 4 घंटे 41 मिनट में, सिलीगुड़ी तक विस्तार की तैयारी
