अमित सिंह, बेलदौर (खगड़िया).
Khagaria Health News: नगर पंचायत बेलदौर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) की व्यवस्थाओं को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं. मरीजों को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिलने की शिकायत पर उप मुख्य पार्षद प्रतिनिधि सूरज कुमार जब अस्पताल पहुंचे तो वहां की स्थिति देखकर नाराज हो गए. उन्होंने आपातकालीन कक्ष से लेकर अस्पताल परिसर तक फैली गंदगी और स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल व्यवस्था पर कड़ी आपत्ति जताई. शिकायत के बाद अस्पताल प्रशासन हरकत में आया और तत्काल सफाई कार्य शुरू कराया गया.
करंट से झुलसे युवक के इलाज में दिखी अव्यवस्था
जानकारी के अनुसार नगर पंचायत क्षेत्र में आयरन करने के दौरान बिजली के करंट की चपेट में आने से गंभीर रूप से झुलसे राहुल कुमार को परिजन इलाज के लिए सीएचसी बेलदौर लेकर पहुंचे थे. राहुल बेलदौर बाजार का निवासी बताया जाता है. इस दौरान उप मुख्य पार्षद प्रतिनिधि भी अस्पताल में मौजूद थे.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार युवक को अस्पताल लाए जाने के समय आपातकालीन कक्ष में न तो चिकित्सक मौजूद थे और न ही कोई स्वास्थ्यकर्मी. स्थिति को देखते हुए सूरज कुमार ने ड्यूटी पर तैनात कर्मियों से तत्काल इलाज सुनिश्चित करने को कहा. कुछ देर बाद चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मी पहुंचे, जिसके बाद युवक का उपचार शुरू किया गया.
गंदगी देख अस्पताल प्रशासन को लगाई फटकार
निरीक्षण के दौरान उप मुख्य पार्षद प्रतिनिधि ने आपातकालीन कक्ष के बेड, फर्श और अस्पताल परिसर में फैली गंदगी पर नाराजगी जताई. उन्होंने सीएचसी के बीएचएम अशोक कुमार को फोन कर तत्काल सफाई कराने का निर्देश दिया. शिकायत मिलते ही अस्पताल प्रशासन सक्रिय हुआ और वार्डों में चादर बदलने के साथ-साथ फर्श एवं परिसर की सफाई कराई गई.
मरीजों को नहीं मिल रहीं निर्धारित सुविधाएं
प्रसव वार्ड में भर्ती मरीज के परिजनों ने भी अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए. डुमरी गांव निवासी असफाक आलम ने बताया कि उनकी पत्नी रुकसार खातून को प्रसव पीड़ा होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था. प्रसव के बाद मरीजों को मिलने वाली चाय, बिस्कुट और नाश्ते जैसी सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं. मजबूरन उन्हें बाहर से सामान खरीदकर देना पड़ा.
तीन लाख आबादी के भरोसे एकमात्र सरकारी अस्पताल
सूरज कुमार ने कहा कि बेलदौर और आसपास के करीब तीन लाख लोगों के लिए यह एकमात्र प्रमुख सरकारी स्वास्थ्य संस्थान है. इसके बावजूद यहां की लचर व्यवस्था मरीजों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है. उन्होंने अस्पताल प्रशासन को स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार लाने और मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की हिदायत दी है.
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