Heatwave Alert: सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते ही नौतपा का प्रभाव तेज हो गया है. खगड़िया जिले सहित गोगरी अनुमंडल क्षेत्र के लोग इन दिनों भीषण गर्मी और उमस से बेहाल हैं. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले एक सप्ताह तक राहत मिलने की संभावना कम है. चिलचिलाती धूप, गर्म हवाओं और बढ़ती उमस ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है. हालात ऐसे हैं कि दोपहर के समय सड़कें सुनसान नजर आ रही हैं और अस्पतालों में लू व डायरिया के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है.
क्यों बढ़ जाती है गर्मी?
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करने के साथ नौतपा की शुरुआत होती है. इस दौरान सूर्य की किरणें पृथ्वी पर अधिक प्रभावी मानी जाती हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों की बारिश के बाद उमस और बढ़ गई है, जिससे गर्मी का असर और ज्यादा महसूस हो रहा है.
38 डिग्री तापमान, एहसास 46 डिग्री का
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों के अनुसार बुधवार को जिले का अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. हालांकि हवा में नमी अधिक होने के कारण लोगों को 46 डिग्री जैसी गर्मी महसूस हो रही है. 10 से 19 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हवाओं ने भी गर्मी से राहत नहीं दी है.
बच्चे और बुर्जुग सबसे ज्यादा प्रभावित
भीषण गर्मी का सबसे ज्यादा असर बच्चों और बुजुर्गों पर देखा जा रहा है. स्वास्थ्य केंद्रों में लू, डायरिया और डिहाइड्रेशन के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है. डॉक्टर लोगों को दोपहर में घर से बाहर निकलने से बचने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दे रहे हैं.
सरकारी विद्यालयों में गर्मी की छुट्टियां शुरू हो चुकी हैं, लेकिन कई निजी स्कूल अब भी संचालित हो रहे हैं. ऐसे में छुट्टी के समय घर लौटने वाले बच्चों को तेज धूप और गर्म हवाओं का सामना करना पड़ रहा है.
दोपहर में वीरान हो रहीं सड़कें
गर्मी का असर बाजारों पर भी साफ दिखाई दे रहा है. सुबह 11 बजे के बाद शहर और बाजार की प्रमुख सड़कों पर लोगों की आवाजाही काफी कम हो जाती है. शाम चार बजे के बाद ही बाजारों में फिर से रौनक लौटती है. दुकानदारों का कहना है कि भीषण गर्मी के कारण दिन के समय कारोबार भी प्रभावित हो रहा है.
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