मोरकाही थाना हंगामा व तोड़फोड़ मामले की जांच करेंगे पुलिस उपाधीक्षक
Khagaria News: मोरकाही थाना हंगामा और तोड़फोड़ मामले में दर्ज प्राथमिकी की जांच अब पुलिस उपाधीक्षक करेंगे. निर्दोष लोगों को फंसाने के आरोपों की पड़ताल होगी.
मोरकाही थानाध्यक्ष ने 29 नामजद और 200 अज्ञात लोगों के विरुद्ध दर्ज कराई थी प्राथमिकी,
भाजपा नेता संजय खंडेलिया ने एसपी से उच्च स्तरीय जांच की मांग की थी
खगड़िया:
मोरकाही थाना परिसर में 30 मई 2026 की देर रात हुए हंगामा, तोड़फोड़ और आगजनी के प्रयास के मामले की जांच अब पुलिस उपाधीक्षक (साइबर थाना) करेंगे. इस मामले में भाजपा के निवर्तमान प्रदेश उपाध्यक्ष संजय खंडेलिया द्वारा पुलिस अधीक्षक को दिए गए आवेदन के बाद जांच का निर्देश जारी किया गया है.
निर्दोष लोगों को अभियुक्त बनाने के आरोप की होगी जांच
भाजपा नेता संजय खंडेलिया ने पुलिस अधीक्षक को भेजे पत्र में मोरकाही थाना कांड संख्या 89/26 में निर्दोष नागरिकों को अभियुक्त बनाए जाने की आशंका जताते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की थी. उन्होंने कहा कि पूर्व के एक मामले में आरोपित की गिरफ्तारी के दौरान एक युवक की डूबने से हुई मौत के बाद लोगों में आक्रोश था. ऐसे में जनाक्रोश के दौरान हुई घटनाओं को संवेदनशीलता के साथ देखते हुए निष्पक्ष जांच कराना जनहित में होगा. इस पर एसपी राकेश कुमार ने पुलिस उपाधीक्षक (साइबर थाना) को अभियुक्तिकरण के बिंदु पर जांच करने का निर्देश दिया है.
युवक की मौत के बाद भड़का था आक्रोश
जानकारी के अनुसार, मोरकाही थाना क्षेत्र के सबलपुर निवासी शत्रुघ्न कुमार के पुत्र सौरभ कुमार को 29 मई 2026 को पुलिस ने गिरफ्तार किया था. बाद में वह पुलिस हिरासत से फरार हो गया और भागने के दौरान मंदिर के पीछे स्थित मालती धार में डूबने से उसकी मौत हो गई. युवक की मौत के बाद परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए तथा शव को मोरकाही थाना परिसर में रखकर विरोध-प्रदर्शन करने लगे. आरोप है कि इस दौरान कुछ लोगों ने थाना परिसर में रखे वायरलेस सेट, कंप्यूटर और अन्य सरकारी अभिलेखों को क्षतिग्रस्त कर दिया तथा हाजत में बंद एक आरोपित को छुड़ाने का प्रयास किया.
हाजत तोड़कर आरोपित को छुड़ाने का आरोप
पुलिस के अनुसार, आक्रोशित भीड़ ने हाजत में बंद खल्टू साह के पुत्र अंशु कुमार उर्फ दुखो कुमार को जबरन छुड़ाने की कोशिश की. इस दौरान थानाध्यक्ष अन्तिमा कुमारी के साथ धक्का-मुक्की और जानलेवा हमला करने तथा उनका गला दबाने का भी प्रयास किया गया. पुलिस का कहना है कि आत्मरक्षा में थानाध्यक्ष ने अपनी सर्विस पिस्टल निकालकर हवा में लहराई थी. मोरकाही थानाध्यक्ष अन्तिमा कुमारी ने बताया कि घटना के संबंध में 29 नामजद और करीब 200 अज्ञात लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है. मामले की जांच जारी है.