खगड़िया में शिलान्यास के एक साल बाद भी अधूरी पड़ी अररिया-मड़ैया सड़क, जर्जर रास्ते से गुजरने को मजबूर ग्रामीण

Khagaria News: पसराहा में अररिया से मड़ैया तक साढ़े तीन किलोमीटर सड़क का मरम्मती और चौड़ीकरण का कार्य राजनीतिक वजहों से एक साल से लंबित है. शिलान्यास के बाद काम शुरू हुआ, लेकिन ग्रामीणों के विरोध और अधिकारियों की व्यस्तता के कारण अटक गया.

Khagaria News: खगड़िया जिले के परबत्ता प्रखंड में आलम बाजार चौक से मड़ैया गांव तक बनने वाली सड़क का सपना अभी तक अधूरा है. करीब एक साल पहले मरम्मत और चौड़ीकरण का शिलान्यास हुआ, काम भी शुरू हुआ, लेकिन कुछ ही दिनों में रुक गया. आज स्थिति यह है कि सड़क पहले से अधिक जर्जर हो चुकी है और ग्रामीणों को हर दिन जोखिम उठाकर सफर करना पड़ रहा है. स्थानीय लोग आरोप लगा रहे हैं कि सड़क विकास की यह परियोजना राजनीतिक खींचतान और प्रशासनिक उदासीनता की भेंट चढ़ गई है.

सिर्फ साढ़े तीन किलोमीटर की दूरी तय करने में 20 से 30 मिनट लग रहे हैं. हल्की बारिश होते ही सड़क कीचड़ और जलजमाव में बदल जाती है. ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव से पहले जिस सड़क को विकास का प्रतीक बताया गया था, वह आज बदहाल व्यवस्था की कहानी बन गई है. आखिर क्यों रुका निर्माण और अब आगे क्या होगा, पढ़िए पूरी रिपोर्ट.

शिलान्यास हुआ, काम शुरू हुआ, फिर रुक गया

ग्रामीणों के अनुसार पिछली विधानसभा चुनाव से करीब तीन महीने पहले परबत्ता के तत्कालीन विधायक डॉ. संजीव कुमार ने आलम बाजार चौक से मड़ैया गांव तक लगभग 3.5 किलोमीटर सड़क के मरम्मत और चौड़ीकरण कार्य का शिलान्यास किया था.

शिलान्यास के लगभग एक सप्ताह बाद सड़क पर गड्ढे भरने का काम शुरू हुआ, लेकिन पहले ही दिन कुछ ग्रामीणों ने कार्य रुकवा दिया.

ग्रामीणों का कहना था कि केवल मरम्मत नहीं, बल्कि सड़क का चौड़ीकरण भी होना चाहिए. साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि बिना प्राक्कलन (एस्टिमेट) बोर्ड लगाए निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया था.

आवंटन और चुनाव के बीच अटका निर्माण

ग्रामीणों के मुताबिक उस समय संबंधित जूनियर इंजीनियर (जेई) ने दुर्गा पूजा के बाद काम शुरू कराने का आश्वासन दिया था.

इसके बाद विधानसभा चुनाव के दौरान प्रशासनिक व्यस्तता का हवाला दिया गया. चुनाव के बाद ग्रामीणों ने दोबारा संपर्क किया तो उन्हें बताया गया कि बजटीय आवंटन के अभाव में निर्माण कार्य रुका हुआ है और राशि मिलते ही काम शुरू होगा.

हालांकि शिलान्यास के करीब एक वर्ष बाद भी सड़क का निर्माण दोबारा शुरू नहीं हो सका है.

साढ़े तीन किलोमीटर का सफर बन गया चुनौती

वर्तमान में आलम बाजार से अररिया-मड़ैया तक की लगभग 3.5 किलोमीटर दूरी तय करने में 20 से 30 मिनट लग रहे हैं.

सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हैं और बरसात के दौरान हालात और खराब हो जाते हैं. ग्रामीणों का कहना है कि हल्की बारिश के बाद भी पैदल चलना और वाहन लेकर गुजरना बेहद मुश्किल हो जाता है.

जलजमाव ने बढ़ाई परेशानी

ग्रामीणों का कहना है कि गांव में समुचित नाला नहीं होने के कारण सड़क पर हमेशा जलजमाव बना रहता है.

सड़क किनारे रहने वाले लोग मजबूरी में घरों का पानी सड़क की ओर बहाते हैं, जिससे सड़क तेजी से क्षतिग्रस्त होती जा रही है और आवागमन और कठिन हो जाता है.

ग्रामीणों का आरोप, राजनीति में फंस गई सड़क

स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क निर्माण का मुद्दा राजनीतिक खींचतान में उलझ गया है.

ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत प्रतिनिधियों ने भी इस समस्या के समाधान के लिए कोई प्रभावी पहल नहीं की. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वर्तमान विधायक की ओर से भी सड़क निर्माण को लेकर अपेक्षित सक्रियता नहीं दिखाई गई.

रिपोर्ट के अनुसार, इस संबंध में वर्तमान विधायक से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका पक्ष प्राप्त नहीं हो सका.

ग्रामीणों की मांग, जल्द शुरू हो निर्माण कार्य

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से सड़क निर्माण कार्य शीघ्र शुरू कराने की मांग की है.

उनका कहना है कि यह सड़क कई गांवों की जीवनरेखा है. यदि जल्द मरम्मत और चौड़ीकरण नहीं हुआ तो बरसात के दौरान लोगों की परेशानियां और बढ़ जाएंगी.

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लेखक के बारे में

By राजकिशोर सिंह

राजकिशोर सिंह प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. अभी प्रभात खबर के खगड़िया कार्यालय में काम कर रहे हैं. शिक्षा, अनुसंधान, कला-संस्कृति, राजनीति की खबरों में रुचि रखते हैं.

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