खगड़ियाः बदला-कोपरिया पुल एवं सड़क बनाने, मां कात्यायनी स्थान को राष्ट्रीय पर्यटक स्थल का दर्जा देने, रेल हादसे में हुए मृतक के प्रत्येक परिजन को सरकारी नौकरी देने, धमारा घाट स्टेशन को मॉडल स्टेशन बनाने एवं सभी एक्सप्रेस ट्रेन का ठहराव धमारा घाट स्टेशन पर किया जाय. उक्त मांग को लेकर फरकिया वासी का अनशन चौथे दिन जारी रहा. अनशन पर बैठे अनशनकारी नागेंद्र सिंह त्यागी ने कहा कि फरकिया वासी का जोश परवान पर चढ़ने लगा है.
जो साबित करता है कि यदि राज्य/केंद्र सरकार और अधिक वादा खिलाफी की बात की तो फरकिया क्षेत्र इस बिहार में लोकतांत्रिक लड़ाई की बढ़ी लकीर खींच देगी. जिसके लिये फरकिया वासी नहीं बल्कि झूठा आश्वासन देने वाले राज्य/केंद्र सरकार जिम्मेवार होंगे. अनशन पर उपस्थित फरकिया वासी को संबोधित करते हुए युवा शक्ति के जिला उपाध्यक्ष पप्पू माकण्र्डेय ने कहा कि जब हम माकण्र्डेय समाज के लोग हर तरह से कमजोर एवं उपेक्षित हैं. संघर्ष के बल पर राज्य सरकार को नाको चने चबा सकते हैं तो फरकिया वासी तो धनबल, बाहुबल से परिपूर्ण हैं तो मांगे कैसे नहीं पूरा होगा. श्री त्यागी ने कहा कि अनशनकारियों की संख्या बढ़ती जा रही है.
उन्होंने कहा कि अनशनकारी की संख्या 40 हो गयी है. जिसमें दीपन दास, सागर सिंह, अशोक सिंह, रवींद्र चौरसिया, छत्रधारी सिंह, दासो मिस्त्री, दीप नारायण मिस्त्री, सत्य नारायण सिंह, अनुप राज सहित महिला नूतन देवी, मीरा देवी, देवकी देवी, रंजू देवी, किरण देवी, मंजू देवी, मीणा देवी, तुला देवी, बाचो देवी आदि शामिल हैं. उन्होंने कहा कि धमारा रेल हादसे में मृतक सोगारथ सिंह की पत्नी रंजू देवी भी अनशन पर बैठी हैं. रंजू देवी ने कहा कि एक अनाथ ही समझ सकता है माता-पिता का दर्द क्या होता है. रक्षा बंधन एवं दुल्हन के रुप में विदाई के समय एक बहन समझती है कि भाई एवं मां बाप क्या होता है. उन्होंने बताया कि मेरे पति दूसरों की जान बचाने के क्रम में खुद हादसे का शिकार हुए हैं. मौके पर बनारसी सिंह, दीपन दास, दासो मिस्त्री आदि मौजूद थे.
