प्रतिनिधि, खगड़िया राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन शनिवार को सिविल कोर्ट खगड़िया एवं अनुमंडलीय व्यवहार न्यायालय गोगरी में किया गया. अदालत में सभी प्रकार के सुलहनीय वादों का निष्पादन किया गया. खगड़िया सिविल कोर्ट में जिला जज सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार खगड़िया काजल झांब, प्रधान न्यायाधीश मनोज कुमार द्विवेदी, अपर जिला जज शैलेन्द्र कुमार, जितेंद्र कुमार, सौरभ कुमार वर्मा, सुमित कुमार सिंह तथा आरएम तिवारी सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा राष्ट्रीय लोक अदालत का दीप प्रज्वलित कर उद्घाटन किया गया. विभिन्न वादों के निष्पादन के लिए इस बार लोक अदालत में 11 बेंच का गठन किया गया था. राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान कई बार जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकार खगड़िया द्वारा मामलों के निष्पादन के लिए गठित पीठ एवं कोर्ट परिसर का निरीक्षण किया गया. पक्षकारों से बातचीत कर उनके मामलों का निष्पादन संबंधित बेंच में कराया गया. जिला जज द्वारा सभी पीठासीन पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि जो भी पक्षकार आए हैं, उनके वाद का निष्पादन करके ही वापस भेंजे. राष्ट्रीय लोक अदालत के तहत व्यवहार न्यायालय खगड़िया एवं गोगरी में 1395 वादों का निष्पादन किया गया. पक्षकारों के बीच 4 करोड़ 45 लाख 2 हजार 202 रुपये का समझौता हुआ. जिसमें कोर्ट में लंबित वाद 517 बैंक ऋण वाद 854 बीएसएनल से संबंधित 24 वाद का निष्पादन किया गया. पक्षकारों की सहायता के लिए इस बार भी दो हेल्प डेस्क बनाए गए थे. जो लोगों के लिए बहुत उपयोगी और मददगार साबित हुए. जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव राकेश मणि ने बताया कि लोक अदालत इस बार बहुत सफल रहा और इस बार भी काफी अधिक संख्या में मामलों का निष्पादन हुआ है. उन्होंने लोक अदालत की सफलता के लिए सभी न्यायिक अधिकारी, कर्मचारी, पीएलवी,अधिवक्ता, मीडिया कर्मी व पक्षकारों को धन्यवाद देते हुए उनके प्रति आभार प्रकट किया. यह उम्मीद जताई कि अगले लोक अदालत में इससे ज्यादा मामलों का पुनः निष्पादन किया जायेगा. अधिवक्ता संघ के जिला अध्यक्ष नागेश्वर प्रसाद सिंह ने कहा कि न्यायालयों में बड़ी संख्या में मुकदमे लंबित है. सुलहनीय वादों के निष्पादन के लिए लोक अदालत का आयोजन होता है. जिला अध्यक्ष ने कर्ज में डूबे गरीब किसानों की पीड़ा का एहसास बैक प्रबंधन को होना चाहिए.
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