महात्मा गांधी के संदेशों से बदलेगी बंदियों की जिंदगी

खगड़िया : राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जीवन संघर्ष गाथा अब मंडल कारा में बंद सभी बंदियों को सुनाई जायेगी. इसकी शुरुआत सोमवार से की गयी है. जो 2 अक्तूबर तक चलेगा. अगले एक महीने तक रोज जेल में बंद विचाराधीन/ सजायाफ्ता बंदियों के बीच ‘एक था मोहन’ और ‘बापू की पाथी’ पुस्तक का वाचन किया […]

खगड़िया : राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जीवन संघर्ष गाथा अब मंडल कारा में बंद सभी बंदियों को सुनाई जायेगी. इसकी शुरुआत सोमवार से की गयी है. जो 2 अक्तूबर तक चलेगा.

अगले एक महीने तक रोज जेल में बंद विचाराधीन/ सजायाफ्ता बंदियों के बीच ‘एक था मोहन’ और ‘बापू की पाथी’ पुस्तक का वाचन किया जायेगा. इसका उद्देश्य है कि गांधी के जीवन संघर्ष को सुनाकर बंदियों को शांति और अहिंसा के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया जा सके .
कारा एवं सुधार सेवाएं के निदेशक सह संयुक्त सचिव दीवान जाफर हुसैन खां ने सभी कारा में अगले एक महीने तक गांधी के संदेशों से सभी बंदियों को रूबरू कराने का निर्देश दिया है .

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