खगड़िया : जिलाधिकारी द्वारा अंचल कार्यालय का औचक निरीक्षण किया गया. इस दौरान अंचल नाजिर गौतम कुमार द्वारा 14 लाख 50 हजार रुपये के गबन का मामला सामने आया. डीएम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो घंटे के अंदर राशि रिकवरी करायी. राशि रिकवरी के बाद सरकार के खजाने में जमा करा दी गयी. मालूम हो कि बीते चार-पांच महीनों से लगान वसूली के माध्यम से जो राशि अंचल नाजिर के पास जमा करायी गयी थी, िजसका एनआर काटा गया वह रकम लगभग 14 लाख 53 हजार की थी.
उक्त रकम को नियमत: सरकार के खजाने में जमा कर दिया जाना था. लेकिन, निरीक्षण में पाया गया कि उक्त रकम सरकार के खजाने में जमा नहीं की गयी. साथ ही अन्य राजस्व कर्मचारियों के पास लगान वसूली के तीन लाख 50 हजार रुपये भी तुरंत चालान के द्वारा जमा करने का निर्देश दिया गया. डीएम ने आशंका जतायी कि संभवत: ऐसी स्थिति अन्य अंचलों में भी हो सकती है.
डीसीएलआर करेंगे हल्का की जांच : डीएम ने जांच करने के लिए टीम गठित कर दी है. सदर अंचल के हल्का नंबर 5, 6, 7, 8 का निरीक्षण डीसीएलआर को करने का आदेश दिया गया.
उक्त हल्कों में क्या सरकारी जमीन का भी मोटेशन हुआ है, पिछले कई वर्षों की लगान रसीद एक मुश्त काट दी जानी, क्या सिलिंग की जमीन का भी भू-अर्जन हुआ है, म्यूटेशन की अद्यतन स्थिति क्या है विभिन्न बिंदुओं के आलोक में डीसीएलआर सदर द्वारा जांच कर स्पष्ट प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है. मालूम हो कि यह निरीक्षण कार्य जारी रहेगा, जिसमें कई अहम खुलासे की संभावना है.
जमीन विवाद के कारण हो रहीं हत्याएं : जिले में अधिकतर विवाद जमीन को लेकर हो रहा है. विवाद में अहम भूमिका अंचल के कर्मी द्वारा निभाया जा रहा है. अवैध कमाई के चक्कर में सही को गलत, गलत को सही जमीन बता देने के कारण न्यायालय में विवाद बढ़ रहा है. बीते एक दशक में दर्जनों लोगों की हत्याएं हो चुकी हैं. इसके बावजूद फर्जीवाड़े पर लगाम नहीं लग पाया है.
लगातार होनी चाहिए जांच
जिला अधिकारी के जांच के बाद राजस्व कर्मियों में हड़कंप मचा हुआ है. लेकिन लोगों ने डीएम के पहल की सराहाना की है. न्याय प्रिय लोगों ने बताया कि इस तरह अंचल ही नहीं अन्य कार्यालय का जांच लगातार होना चाहिए. तभी कर्मियों में भय बनेगा. फर्जीबाड़ा करने से बाज आयेंगे.
गबन के मामले में राजस्व कर्मचारी जा चुके हैं जेल
सरकारी राशि गबन के मामले में राजस्व कर्मचारी दिनेश दास जेल जा चुके हैं. लगातार मिल रही शिकायत के बाद डीएम ने जांच करने का निर्णय लिया. मालूम हो कि पूर्व में भी राशि गबन किये जाने की शिकायत मिल चुकी है.राजस्व कर्मचारी के अचानक लापता होने के बाद की गयी जांच से गबन का मामला उद्भेदन होने लगा है.
विभाग में वर्षों से चल रहा है लेनदेन का कारोबार
राजस्व विभाग में वर्षों से लेन-देन के बाद काम करने का सिलसिला जारी है. जमाबंदी कायम कराना हो, चाहे जमीन का मालिकाना हक की जानकारी लेनी हो बिना चढ़ावे की जानकारी नहीं दी जाती है. यही कारण है कि लालच के चक्कर में कई राजस्व कर्मचारी निगरानी के हत्थे चढ़ चुके हैं.
