शाखा प्रबंधक कराएंगे सभी पर फर्जीवाड़े का केस
ऋण जारी करने वाले बैंक कर्मी भी कार्रवाई के घेरे में
प्रतिरूपण एक्ट के तहत सीओ को भी एफआइआर दर्ज करने के निर्देश
अंचल कार्यालय के नाम से पहले फर्जी एलपीसी फिर जाली पत्र जारी कराने का भी खुलासा
अलौली व सदर सीओ को जांच के लिए भेजे गये और सात सौ से अधिक एलपीसी
खगड़िया : केसीसी ऋण के लिए जमीन के जाली कागजात देने वाले 13 लोगों पर प्राथमिकी दर्ज कराने के आदेश जारी किये गये हैं. ये सभी लोग सदर प्रखंड के घुसमुरी विशनपुर, सौरायडीह, भदास, चातर गांव के है. जिन्होंने केसीसी ऋण के लिए सीओ के फर्जी हस्ताक्षर से बने एलपीसी यूनियन बैंक जहांगीरा शाखा को दिये थे. एलपीसी के फर्जी होने की बातें सामने आने के बाद लोक शिकायत एडीएम विजय कुमार सिंह ने यूबीआई जहांगीरा शाखा के प्रबंधक को इन सभी लोगों पर प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश जारी किया है.
श्री सिंह ने इस मामले में सीओ को भी प्रतिरूपण एक्ट के तहत अलग से प्राथमिकी दर्ज कराने का आदेश जारी किया है. जानकारी के मुताबिक इस एक्ट के तहत इसलिए कार्रवाई करने को कहा गया है कि क्योंकि जांच में यह बातें साफ हो गयी है कि सीओ के फर्जी हस्ताक्षर से जारी एलपीसी के आधार पर 13 लोगों ने ऋण लेने के लिए बैंक में इसे जमा कराया गया था. सूत्र बताते हैं कि प्रतिरूपण एक्ट के तहत अगर मामला दर्ज हुआ तो बैंक कर्मी भी लपेटे में आ जाएंगे.
पहले होता रहा टालमटोल
गौरतलब है कि जांच में सभी 13 लोगों के एलपीसी फर्जी पाये जाने के बाद सदर सीओ नौशाद आलम ने 18 नवंबर 2017 को सभी लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए उक्त शाखा प्रबंधक को पत्र लिखा था. लेकिन तब से इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कराने में टाल-मटोल की स्थिति बनी रही. इधर, लोक शिकायत अधिनियम के तहत दर्ज पर शिकायत इस मामले की सुनवाई करते हुए एडीएम ने बैंक में फर्जी एलपीसी जमा करने वालों पर प्राथमिकी दर्ज कराने का आदेश शाखा प्रबंधक को दिया है. साथ ही सीओ को भी उनके फर्जी हस्ताक्षर से बने एलपीसी से लाभान्वित होने वालों के विरुद्व कार्रवाई करने को कहा गया है.
एलपीसी के बाद फर्जी चिठ्ठी भी जारी
मामले की सुनवाई के दौरान एक बड़ा खुलासा यह हुआ कि केसीसी लोन लेने के लिए पहले सीओ कार्यालय से फर्जी एलपीसी जारी कराये गये. जब सीओ ने जांच के बाद प्राथमिकी दर्ज कराने को कहा, तो इसके कुछ ही दिन में अंचल कार्यालय से जाली पत्र जारी हो गया. ये जाली पत्र इसलिए जारी कराए गए ताकि 13 लोगों के विरुद्व कार्रवाई न हो पाये. जानकारी के मुताबिक 11 नवंबर को तत्कालीन मैनेजर मुनेश्वर राम ने 13 एलपीसी की जांच के लिए सीओ को पत्र लिखा था.
जांच में सभी एलपीसी फर्जी पाये जाने के बाद सीओ ने अपने पत्रांक 4918 दिनांक 18 नंबवर 17 को पत्र लिखकर सभी लोगों पर प्राथमिकी दर्ज कराते हुए इसकी सूचना उन्हें भी देने का निर्देश शाख प्रबंधक को दिया था. लेकिन सीओ की रिपोर्ट को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया. सूत्र बतातें हैं कि बैंक के उच्च प्रबंधन ने भी प्राथमिकी दर्ज कराने का दवाब बनाया. जिसके बाद फिर अंचल कार्यालय से एक पत्र संख्या संख्यां 6294 दिनांक 19. दिसम्बर 17 जारी कराया गया. यह पत्र सीओ के द्वारा शाखा प्रबंधक के नाम जारी हुआ था.
इस पत्र में सभी 13 एलपीसी को सही बताया गया था. लेकिन अब खुलासा हुआ है कि सीओ ने 19 दिसंबर को मैनेजर के नाम कोई पत्र ही जारी नहीं किया था. अंचल कार्यालय से जारी फर्जी पत्र पर जो पत्रांक, दिनांक अंकित हैं वो अंचल कार्यालय से मृतक अनुदान को लेकर जारी हुए थे. सुनवाई के दौरान भी सीओ इस बात पर अड़े रहे कि उन्होंने दोबारा पत्र लिखकर 13 फर्जी एलपीसी को सही नहीं बताया है. यह तो साफ हो गया है कि फर्जी पत्र इसलिए जारी हुए थे ताकि इनलोगों पर होने वाले कार्रवाई को टाला जा सके. सूत्र बतातें है कि बैंक के उच्च अधिकारी का भी शाखा प्रबंधक पर प्राथमिकी दर्ज कराने का दवाब था. इस दवाब को कम करने के लिए यह पत्र जारी कराया गया था. क्योंकि क्षेत्रीय कार्यालय समस्तीपुर को भी 13 एलपीसी सही होने की जानकारी सहित सीओ ने फर्जी हस्ताक्षर से 19 दिसंबर जारी पत्र भेजा गया था. हांलाकि, जांच के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि किसने तथा किसे फायदा पहुंचाने के लिए ये फर्जी पत्र जारी किये थे.
कार्यकाल के पूर्व का
मामला
लोक शिकायत एडीएम के प्राथमिकी दर्ज कराने से संबंधित आदेश की प्रति मुझे नहीं मिली है. रहा फर्जी पत्र का सवाल तो ये पूरा मामला तत्कालीन शाखा प्रबंधक मुनेश्वर राम के कार्यकाल का है.
पिंटू कुमार, मैनेजर, यूबीआई, जहांगीरा
जल्द कराएंगे प्राथमिकी
लोक शिकायत एडीएम के आदेश का अनुपालन किया जा रहा है. जल्द ही प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी. जांच के बाद अक्टूबर को ही उन्होंने शाखा प्रबंधक को 13 लोगों के विरुद्व प्राथमिकी दर्ज कराने को कहा था. लेकिन बैंक से रिपोर्ट अब तक प्राप्त नहीं हुआ है. उनके कार्यालय से बैंक को दोबारा पत्र लिखकर यह नहीं कहा गया है कि सभी 13 एलपीसी सही है. इस बात की जानकारी उन्होंने सुनवाई के दौरान पदाधिकारी को भी दी है. वे हैरान है कि कैसे पहले फर्जी हस्ताक्षर के एलपीसी और अब जाली पत्र जारी हुए हैं.
नौशाद आलम, सीओ सदर अंचल
निलंबित होंगे मैनेजर
फर्जी पत्र से संबंधित जानकारी उन्हें शाखा से प्राप्त हुई है. उच्च स्तर पर जांच चल रही है. तत्कालीन मैनेजर को सस्पेंड किये जाने की कार्रवाई की जा रही है.
महेंद्र श्रीवस्तव, क्षेत्रीय प्रमुख, यूबीआई समस्तीपुर,
दोनों कराएंगे एफआइआर
केसीसी ऋण के लिए बैंक को फर्जी एलपीसी देने वालों पर शाखा प्रबंधक प्राथमिकी दर्ज कराएंगे. सीओ के हस्ताक्षर का भी दुरुपयोग हुआ है. सदर सीओ को प्रतिरूपण एक्ट के तहत उन सभी लोगों पर प्राथमिकी दर्ज कराने को कहा गया है. जो लाभान्वित हुए है. ऋण लेने व फर्जी कागजात पर ऋण देने वालों पर उन्हें कार्रवाई करने को कहा गया है. तथा इनसे कार्रवाई करते हुए रिपोर्ट मांगी गयी है.
विजय कुमार सिंह, एडीएम लोक शिकायत.
