कटिहार : बंगला सावन शुरू होते ही भगवान भोलेनाथ के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था चरम पर पहुंचने लगी है. पश्चिम बंगाल, असम और पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में कांवरिया देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम की ओर रवाना हो रहे हैं. इसी क्रम में गुरुवार को राष्ट्रीय राजमार्ग-31 से गुजर रही शिवभक्तों की एक रथ पदयात्रा लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी रही.
शिवभक्तों का यह जत्था पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले के चलसा मैताली से देवघर तक लगभग 480 किलोमीटर की पदयात्रा पर निकला है. श्रद्धालुओं ने मंदिर की आकृति में सजे रिक्शा-ठेला रथ पर शिवलिंग स्थापित किया है और पूरे श्रद्धाभाव के साथ यात्रा कर रहे हैं. सड़क किनारे मौजूद लोगों ने भी श्रद्धालुओं का स्वागत किया.
15 जुलाई से शुरू हुई पदयात्रा
कांवरिया जत्थे के सदस्यों ने बताया कि उनकी यात्रा 15 जुलाई से शुरू हुई है. प्रतिदिन 30 से 35 किलोमीटर की पदयात्रा की जा रही है. गुरुवार को यात्रा का नौवां दिन था. पड़ाव-दर-पड़ाव आगे बढ़ते हुए श्रद्धालु देवघर पहुंचकर बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक करेंगे.
तीन वर्षों से जारी है रथ पदयात्रा
कांवरिया बम ने बताया कि पिछले तीन वर्षों से वे इसी तरह रथ के साथ पदयात्रा कर रहे हैं और आगे भी इस परंपरा को जारी रखने का संकल्प है. उन्होंने बताया कि बंगला सावन की यह यात्रा 18 जुलाई से शुरू होकर 18 अगस्त तक चलेगी.
जानकारी के अनुसार, बंगला सावन के दौरान पश्चिम बंगाल, असम, मणिपुर, मेघालय, त्रिपुरा सहित पूर्वोत्तर के कई राज्यों से बड़ी संख्या में शिवभक्त देवघर पहुंचकर बाबा बैद्यनाथ के शिवलिंग पर जलाभिषेक करते हैं. इन राज्यों में बंगला सावन के दौरान भगवान शिव की पूजा का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है.
