बलिया बेलौन कटिहार जिला के बारसोई अनुमंडल क्षेत्र में मिनी बाबा धाम के नाम से प्रसिद्ध बाबा गोरखनाथ धाम मंदिर का इतिहास बहुत पुराना है. 1053 ई में प्रसिद्ध संत गोरखनाथ जी महाराज असम के कामख्या से यूपी गोरखपुर जाने के क्रम में कटिहार के इसी स्थान में तीन दिनों तक रूके थे. इस गांव में रहने के दौरान गोरखनाथ जी महाराज ने यहां एक गोरखचंडी की स्थापना की थी. गांव का नाम गोरखपुर पड़ा. बाबा गोरखनाथ के पुण्य प्रताप से वशीभूत हो कर यहां के लोगों ने बाबा गोरखनाथ जी महाराज के नाम पर मंदिर का निर्माण कराया. आज यह मंदिर कटिहार जिला का मिनी बाबा धाम के नाम से प्रसिद्ध है. बाबा गोरखनाथ धाम मंदिर की बनावट भी अदभुत है. मंदिर के ऊपरी हिस्सा में अशोक चक्र एवं नागफन अंकित है. मंदिर का निर्माण विशेष आकार के ईंट, चूना, सुरखी से प्राचीन काल के कारीगरी की अनूठी मिशाल है. जो मंदिर की सुंदरता को चार चांद लगाती है. गोरखनाथ मंदिर के पूर्व दिशा में मां दुर्गा का मंदिर है. पश्चिम दिशा में चैती काली मंदिर है. दक्षिण में महामाया स्थापित है. उत्तर पूर्व में गोरखचंडी है. प्रत्येक वर्ष शिव रात्रि एवं श्रावण पूर्णिमा पर शिव लिंग पर जलाभिषेक के लिए बिहार, बंगाल, झारखंड, उड़ीसा सहित पडोसी देश नेपाल, भूटान से लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ जुटती है. रविवार से चार दिवसीय महाशिवरात्रि पर्व एवं मेला को लेकर मंदिर कमेटी के पदेन अध्यक्ष सह एसडीओ राजू कुमार, सचिव पिंटू यादव, उपाध्यक्ष अक्षय सिंह सहित कमेटी सदस्यों द्वारा हर तरह की सुविधा का प्रबंध की है. सीसीटीवी, मेडिकल टीम, चलता शौचालय, पानी की व्यवस्था, दमकल सहित सभी तरह की व्यवस्था, अतिरिक्त पुलिस बल, दंडाधिकारी की प्रतिनियुक्ति जिला प्रशासन द्वारा की गयी है.
बाबा गोरखनाथ धाम में आज श्रद्धालुओं करेंगे जलाभिषेक
बाबा गोरखनाथ धाम में आज श्रद्धालुओं करेंगे जलाभिषेक
