– सात-आठ वर्ष पूर्व ही भवन को टेंजर किया गया है घोषित बावजूद इसे तोड़कर हटाने की दिशा में नहीं हो रहा पहल कटिहार नगर निगम कार्यालय के निकट अवस्थित पुराना बस स्टेंड का जर्जर यात्री प्रतिक्षालय भवन बड़े हादसे को दावत दे रहा है. यह भवन कभी भी गिर सकता है. बावजूद भवन को तोड़कर हटाने की जहमत निगम प्रशासन नहीं उठा पा रहा है. यहां सुबह से देर शाम तक भीड़-भाड़ लगी रहती है. जर्जर भवन के नीचे कई छोटी-बड़ी दुकानें प्रतिदिन सजती है. जिससे लोगों की आवाजाही काफी होती है. जर्जर यात्री प्रतिक्षालय को भवन निर्माण विभाग के इंजीनियरों ने डेंजर घोषित कर रखा है. इस भवन को कई साल पहले ही जर्जर घोषित कर तोड़कर हटाने का निर्देश दिया है. हालांकि निगम प्रशासन भी कई बार जर्जर भवन को हटाने की दिशा में मंथन किया जा चुका है. इसके बाद भी भवन को यूं ही छोड़ दिये जाने से लोग निगम की मंशा पर सवाल खड़े कर रहे है. भवन का पाया व छत पूरी तरह से हो चुका है जर्जर पुराने बस स्टेंड का यात्री प्रतिक्षालय भवन इस कदर जर्जर हो गया कि लोगों को अब वहां बैठने तक में भय महसूस हो रहा है. भवन का छत पूरी तरह से जर्जर हो गया है. उपरी मंजिल इतनी जर्जर हो गयी है कि वहां आने-जाने पर भी लोगों का प्रतिबंध है. उपरी मंजिल पर बने कमरों का खिड़की, दरवाजा तक गायब हो चुका है. छत इतना कमजोर हो चुका है कि बारिश के समय पानी टपकता है. नीचे के मंजिल का भी कमोवेश वहीं हालत है. भवन के सभी पाया जर्जर हो चुका है. पीलर टूटकर छड़ बाहर निकल चुका है. प्लास्टर छड़ रहा है. छत टूटकर गिर रहा है. इतने जर्जर भवन होने के बावजूद तोड़कर हटाने की दिशा में निगम की सुस्ती लोगों के लिए पहेली बनकर रह गयी है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पुराने भवन को हटाकर नये भवन का निर्माण कराया जाता तो कई लोगों को रोजगार के साधन मुहैया हो सकता था. मार्केट कंप्लेक्स बनाने की रणनीति वर्षों से बनायी जा रही, पर हो रहा कुछ नहीं पुराने बस स्टेंड की खाली जमीन तथा यात्री प्रतिक्षालय भवन को तोड़कर मार्केट कंप्लेक्स बनाने की रणनीति पिछले सात-आठ वर्षों से निगम बना रहा है. पर इस मामले पर एक इंच भी काम आगे नहीं बढ़ सका है. हद तो यह है कि जर्जर यात्री प्रतिक्षालय तक को तोड़ने की दिशा में सिर्फ बातें हो रही है. काम कुछ भी नहीं हो रहा है. शहर की हृदय स्थली मानी जाती है शहीद चौक जिस जगह पर पुराना बस स्टेंड है. वह स्थल शहीद चौक शहर की हृदय स्थलीय मानी जाती है. यहां से महज कुछ ही दूरी पर सदर अस्पताल, निकट में नगर थाना, मुख्य बाजार के साथ शहर में प्रवेश करने के साथ बाहर निकलने के मुख्य मार्ग के किनारे है. ऐसे में इस स्थल को विकसित करने की दिशा में नगर निगम प्रशासन ठोस पहल नहीं कर रहा है. पुराना बस स्टेंड, कर्पूरी मार्केट को मिलाकर यहां मार्केट कंप्लेक्स का निर्माण कराया जाय तो सैकड़ों दुकानों का निर्माण होगा. जिससे शहर को एक नया मार्केट मिलेगा. जहां लोगों को रोजी रोजगार के साधन उपलब्ध होंगे. नगर निगम को बड़े पैमाने पर राजस्व की प्रप्ति होगी. जनप्रतिनिधियों की इच्छा शक्ति से हो सकता है विकास नगर निगम प्रशासन के साथ मेयर, उपमेयर, विधायक, सांसद, एमएलसी, वार्ड पार्षद यदि अपनी इच्छा शक्ति दिखायें तो पुराने बस स्टेंड की खाली पड़ी जमीन पर लोगों को रोजगार मुहैया कराने के साथ निगम अच्छा खासा राजस्व में बढ़ोतरी कर सकता है. इससे शहर का विकास होगा. शहर में प्रवेश करते ही अलिशान नये मार्केट कंप्लेक्स बनने से शहर की खबसूरती चार गुणा तक बढ़ जायेगी. पर इसके लिए राजनीति से उपर उठकर सभी जनप्रतिनिधियों को सोचना होगा. तभी यह संभव हो सकेगा.
पुराना बस स्टेंड का जर्जर यात्री प्रतिक्षालय बड़े हादसे हो दे रहा निमंत्रण, निगम बेखबर
पुराना बस स्टेंड का जर्जर यात्री प्रतिक्षालय बड़े हादसे हो दे रहा निमंत्रण, निगम बेखबर
