कटिहार रसोई गैस की किल्लत के कारण आम लोगों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है, हालात ऐसे हो गए हैं कि कई दिनों तक गैस सिलेंडर नहीं मिलने से लोगों को खाना बनाने के लिए वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है. शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक कई घरों में अब पुराने दिनों की तरह मिट्टी के चूल्हे जलते नजर आ रहे हैं. लोग लकड़ी, कोयला और गोइठा से किसी तरह रसोई का काम चला रहे हैं.गैस संकट के बीच अब शहर के बाजार में बिजली से चलने वाले इंडक्शन चूल्हों की मांग भी अचानक बढ़ गई है. शहर के कई परिवार मजबूरी में इंडक्शन चूल्हा खरीदकर अपने घरों की रसोई संभालने की कोशिश कर रहे हैं. इलेक्ट्रॉनिक दुकानों पर इन दिनों इंडक्शन चूल्हों की बिक्री में तेजी देखी जा रही है. दुकानदारों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों में इंडक्शन चूल्हे की मांग काफी बढ़ी है और लोग गैस की कमी के कारण इसे विकल्प के तौर पर खरीद रहे हैं. इसी दौरान बाजार से इंडक्शन चूल्हा खरीदकर घर लौट रहे एक व्यक्ति ने बताया कि कई दिनों से गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है, जिसके कारण उनके परिवार को काफी परेशानी हो रही थी. मजबूरी में उन्हें इंडक्शन चूल्हा खरीदना पड़ा ताकि घर में खाना बनाना संभव हो सके. लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही गैस आपूर्ति की स्थिति सामान्य नहीं हुई तो आम परिवारों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं. खासकर मध्यम और गरीब परिवारों को अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है,.फिलहाल गैस संकट ने जिले में रसोई की पूरी तस्वीर ही बदल दी है. कई घरों में आधुनिक गैस चूल्हे की जगह फिर से पारंपरिक चूल्हों का धुआं उठता नजर आ रहा है, लोग जल्द से जल्द गैस आपूर्ति बहाल होने की उम्मीद कर रहे हैं.
रसोई गैस की किल्लत से बढ़ी परेशानी, इंडक्शन चूल्हों की मांग बढ़ी
रसोई गैस की किल्लत से बढ़ी परेशानी, इंडक्शन चूल्हों की मांग बढ़ी
