माह ए रमजानुल मुबारक: रहमत, बरकत व मगफिरत का पाक महीना

माह ए रमजानुल मुबारक: रहमत, बरकत व मगफिरत का पाक महीना

कोढ़ा रहमतों व बरकतों का सरदार माहे रमजानुल मुबारक दस्तक दे चुका है. इस्लाम धर्म में हर महीने की अपनी अहमियत है. रमजान का मुकाम सबसे जुदा और बुलंद माना जाता है. यह पाक और मुकद्दस महीना खुदा की तरफ से बंदों के लिए एक ख़ास तोहफा है. जो इबादत, सब्र और तकवा की तालीम देता है. मस्जिद के इमाम मो बिलाल फरमाते हैं कि रमजान सिर्फ़ भूखे-प्यासे रहने का नाम नहीं, बल्कि यह अपने किरदार को संवारने और अपने अंदर की बुराइयों को खत्म करने का महीना है. कहा कि रोज़ा इंसान को तकवा, सब्र और शुक्र अदा करने की तालीम देता है. इस महीने में अल्लाह की इबादत के साथ-साथ गरीबों और जरूरतमंदों का खास ख्याल रखना चाहिए. ताकि समाज में बराबरी और भाईचारे का पैगाम मजबूत हो.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: RAJKISHOR K

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >