रहमत, अजमत, बरकत वाला महीना है रमजान

21वें रोजा से तीसरा अशरा होता है शुरू

फोटो 1 कैप्शन- मौलाना मेराज आलम, फाइल फोटो. प्रतिनिधि, बलिया बेलौन मरकजी रोयते हेलाल इस्लाही कमेटी सालमारी के मौलाना मेराज आलम ने कहा कि पूरे रमजानुल मुबारक का महीना खुदा की तरफ से रहमत, अजमत, बरकत वाला महीना है. अल्लाह रब्बुल इज्जत ने इस बरकत वाले मुबारक महीने को तीन अशरा में बांटा है. एक रोजा से दस रोजा तक पहला अशरा है. पहला अशरा खुदा की रहमत वाला है. इस अशरे में खुदा की रहमत नाजिल होती है. 11 रोजा से दूसरा अशरा शुरू होता है. कल से दूसरा अशरा शुरू हो रहा है. इस अशरा में खुदाए पाक अपने बंदों की मगफिरत करते हैं. यानी अल्लाह पाक अपने बंदों के गुनाहों को माफ़ फरमाते हैं. इस अशरे में हमें चाहिए कि बारगाहे खुदावंदी में ज्यादा से ज्यादा गुनाहों की माफी के लिए मगफिरत करें. 21वें रोजा से तीसरा अशरा शुरू होता है. तीसरा अशरा जहन्नुम की आग से निजात का है. इस अशरा में अल्लाह रब्बुल इज्जत अपने बंदों को जहन्नुम की आग से बचाते हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: ANIMESH KUMAR

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >