अनुमंडल अस्पताल बारसोई परिसर में मंगलवार को अग्निशमन सेवा सप्ताह पर फायर स्टेशन बारसोई की ओर से जागरूकता व मॉक ड्रिल कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस दौरान अग्निशमन विभाग के अधिकारियों व कर्मियों ने अस्पताल कर्मियों को आग से बचाव व आपदा प्रबंधन के विभिन्न उपायों की जानकारी दी. कार्यक्रम का नेतृत्व अनुमंडल अग्निशमन पदाधिकारी शिवशंकर यादव ने किया. उनके साथ सहायक अनुमंडल अग्निशमन अधिकारी जितेन्द्र कुमार समेत विभाग के कई कर्मी मौजूद रहे. टीम ने अस्पताल परिसर में इवैक्यूएशन प्लान के तहत आग लगने की स्थिति में सुरक्षित निकासी की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया. इस दौरान अग्निशमन कर्मियों ने आग बुझाने वाले उपकरणों की गुणवत्ता की जांच की. अस्पताल स्टाफ को इन उपकरणों के सही उपयोग का प्रशिक्षण दिया. कर्मचारियों को गैस सिलेंडर में आग लगने की स्थिति से निपटने के तरीके भी व्यवहारिक रूप से समझाए गये. साथ ही आपातकालीन सरकारी मोबाइल नंबरों की जानकारी दी गयी. सुरक्षा के दृष्टिकोण से पिन फ्लैग भी लगाया गया. अधिकारियों ने बताया कि 14 अप्रैल से 20 अप्रैल तक अग्निशमन सेवा सप्ताह मनाया जा रहा है. जिसके तहत आमलोगों को आग से बचाव के प्रति जागरूक किया जा रहा है. कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने अग्निशमन सेवा सप्ताह के महत्व पर भी प्रकाश डाला. उन्होंने बताया कि 14 अप्रैल 1944 को मुंबई बंदरगाह पर भीषण विस्फोट की घटना हुई थी. जिसमें भारी जनहानि हुई थी. इस घटना में अनेक अग्निशमन कर्मियों ने अपनी जान की परवाह किए बिना लोगों की जान बचाने में मुंबई फायर सर्विस के 66 कर्मचारी वीरगति को प्राप्त हुए थे. उन्हीं बहादुर अग्निशमन कर्मियों की स्मृति में प्रतिवर्ष 14 अप्रैल से 20 अप्रैल तक अग्निशमन सेवा सप्ताह मनाया जाता है. अधिकारियों ने कहा कि इस सप्ताह का मुख्य उद्देश्य आमजन को आग से बचाव के प्रति जागरूक करना है. ताकि समय रहते सतर्कता व सही प्रशिक्षण के माध्यम से बड़ी घटनाओं को रोका जा सके.