कटिहार : जिले में रुक-रुक कर हो रही मानसूनी बारिश के कारण प्रमुख नदियों का जलस्तर लगातार तीसरे दिन भी बढ़ता रहा. महानंदा नदी के सभी प्रमुख गेज स्टेशनों पर शुक्रवार को जलस्तर में वृद्धि दर्ज की गई. वहीं गंगा और कोसी नदी का जलस्तर भी बढ़ने लगा है. हालांकि बरंडी नदी फिलहाल स्थिर बनी हुई है. नदियों के बढ़ते जलस्तर ने निचले इलाकों के लोगों की चिंता बढ़ा दी है और बाढ़ व कटाव की आशंका गहराने लगी है.
महानंदा नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी
बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल के अनुसार, झौआ में महानंदा नदी का जलस्तर शुक्रवार सुबह 29.76 मीटर से बढ़कर शाम तक 29.97 मीटर पहुंच गया. बहरखाल में 29.26 मीटर से बढ़कर 29.47 मीटर, कुर्सेला में 29.99 मीटर से बढ़कर 30.15 मीटर तथा दुर्गापुर में 26.58 मीटर से बढ़कर 26.73 मीटर दर्ज किया गया. गोविंदपुर में जलस्तर मामूली बढ़ोतरी के साथ 24.17 मीटर से 24.18 मीटर रहा. आजमनगर में जलस्तर 27.74 मीटर से बढ़कर 27.92 मीटर और धबौल में 26.94 मीटर से बढ़कर 27.12 मीटर हो गया.
गंगा और कोसी में भी बढ़ने लगा जलस्तर
गंगा नदी के रामायणपुर गेज स्टेशन पर जलस्तर 22.94 मीटर से बढ़कर 22.96 मीटर हो गया. वहीं काढ़ागोला घाट पर भी जलस्तर में हल्की वृद्धि दर्ज की गई. कोसी नदी के कुरसेला रेलवे ब्रिज पर जलस्तर 25.75 मीटर से बढ़कर 25.78 मीटर पहुंच गया. दूसरी ओर बरंडी नदी का जलस्तर एनएच-31 स्थित डूमर के पास 27.90 मीटर पर स्थिर बना रहा.
बाढ़ और कटाव को लेकर बढ़ी चिंता
लगातार हो रही बारिश और नदियों के जलस्तर में हो रही बढ़ोतरी से निचले इलाकों के लोगों में बाढ़ और नदी कटाव की आशंका बढ़ गई है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा तो कई क्षेत्रों में हालात बिगड़ सकते हैं.
प्रशासन की नजर हालात पर
बाढ़ नियंत्रण विभाग लगातार नदियों के जलस्तर की निगरानी कर रहा है. अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल सभी नदियां खतरे के निशान से नीचे हैं, लेकिन लगातार बारिश को देखते हुए स्थिति पर नजर रखी जा रही है. लोगों से सतर्क रहने और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है.
