कोढ़ा जैसे-जैसे गर्मी अपने चरम पर पहुंच रही है. तापमान में लगातार वृद्धि हो रही है. इससे न केवल इंसान बल्कि बेजुबान पशु-पक्षी भी बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं. मनुष्य तो अपनी प्यास और भूख को व्यक्त कर सकता है. पर ये निरीह जीव अपनी तकलीफ नहीं कह सकते. हर वर्ष गर्मियों में हज़ारों पक्षी और जानवर पानी और भोजन की कमी के कारण दम तोड़ देते हैं. खासतौर पर शहरी क्षेत्रों में जहां प्राकृतिक जल स्रोत कम होते जा रहे हैं. वहां ये समस्या और गंभीर हो जाती है. ऐसे समय में यदि प्रत्येक परिवार अपने घर के बाहर, छत पर या बालकनी में एक पानी का बर्तन और कुछ दाना रख दे तो न जाने कितनी ज़िंदगियां बच सकती हैं.
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