कटिहार . जिले में खरीफ मौसम के दौरान किसानों को समय पर और निर्धारित दर पर उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सोमवार को जिला कृषि पदाधिकारी राजीव कुमार की अध्यक्षता में सभी थोक उर्वरक विक्रेताओं की बैठक आयोजित की गई. बैठक में उर्वरकों की उपलब्धता, मूल्य और वितरण व्यवस्था की समीक्षा की गई.
एमआरपी से अधिक कीमत वसूली पर होगी कार्रवाई
जिला कृषि पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि सरकार द्वारा निर्धारित अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) से अधिक दर पर किसी भी परिस्थिति में उर्वरक की बिक्री नहीं की जाएगी. उन्होंने कहा कि अधिक कीमत पर बिक्री, कालाबाजारी, कृत्रिम अभाव उत्पन्न करने या अन्य किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर उर्वरक नियंत्रण आदेश-1985 एवं प्रचलित नियमों के तहत संबंधित विक्रेता के लाइसेंस का निलंबन या रद्दीकरण सहित सख्त कार्रवाई की जाएगी.
उर्वरकों के साथ टैगिंग पर पूरी तरह रोक
बैठक में सभी उर्वरक कंपनियों और थोक विक्रेताओं को निर्देश दिया गया कि उर्वरकों के साथ सूक्ष्म पोषक तत्व, कीटनाशी, जैव उत्पाद या अन्य कृषि सामग्री की अनिवार्य टैगिंग नहीं की जाएगी. किसानों को किसी अतिरिक्त उत्पाद की खरीद के लिए बाध्य करना नियमों के विरुद्ध है. शिकायत मिलने पर संबंधित कंपनी और विक्रेता के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
किसानों से रसीद लेने की अपील
जिला कृषि पदाधिकारी ने किसानों से अपील की कि वे केवल अधिकृत एवं लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही उर्वरक खरीदें और प्रत्येक खरीद पर कैश मेमो या रसीद अवश्य लें. यदि कोई विक्रेता अधिक राशि वसूले या टैगिंग के लिए बाध्य करे तो इसकी सूचना प्रखंड कृषि पदाधिकारी, अनुमंडल कृषि पदाधिकारी या जिला कृषि कार्यालय को दें.
जिले में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है खाद
जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि जिले में वर्तमान में उर्वरकों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है. जिले में यूरिया 9194.89 मीट्रिक टन, डीएपी 3719.40 मीट्रिक टन, एमओपी 2644.605 मीट्रिक टन, एनपीके 8370.33 मीट्रिक टन तथा एसएसपी 1948.95 मीट्रिक टन उपलब्ध है. आवश्यकता के अनुसार लगातार आपूर्ति भी की जा रही है. बैठक में रासायनिक उर्वरकों के दुष्प्रभावों की जानकारी देते हुए किसानों को जैव उर्वरकों के उपयोग के लिए भी जागरूक करने पर जोर दिया गया.
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