महंगाई की मार से पुश्तैनी धंधा छोड़ मजदूरी को विवश हो रहें कुम्हार समाज के लोग

महंगाई की मार से पुश्तैनी धंधा छोड़ मजदूरी को विवश हो रहें कुम्हार समाज के लोग

– महंगाई व मौसम की दोहरी मार से परेशान हैं पटेल चौक के कुम्हार टोली के कुम्हार – पटेल चौक पर दीया बनाने वाले कुम्हार समाज को नहीं मिल रहा दीयों का दाम – लॉकडाउन के बाद से भांड पर टिका है इनके बाल बच्चों का भविष्य – बाहर से बना बनाया लाकर केवल बेचने को करते हैं कार्य कटिहार दुर्गापूजा के बाद अब दीपावली व छठ महापर्व इस वर्ष अक्तूबर माह में सम्पन्न हो जायेगा. दुर्गापूजा के नवमीं व दशमी में हुई झमाझम बारिश की खलल से जहां मेला में दुकान लगाने वालों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा. दुकानदार लगाये गये पूंजी तक उपर नहीं कर पाये. बीस अक्तूबर को इसी माह में दीपोत्सव मनाया जाना है. दूसरे के घरों मेंं उजाला करने के लिए भले ही कुम्हार समाज द्वारा अभी से ही दीप, दीया व दीपावली में लगने वाले मिट्टी के सामानों को बनाने का कार्य तेज कर दिया गया है. लेकिन महंगाई व मौसम जैसी दोहरी मार से कुम्हारों के जीवन में अंधेरा ही अंधेरा है. पटेल चौक के कुम्हर टोली के कुम्हार अभी से परेशान नजर आ रहे हैं. एक ओर जहां डिजिटलाइजेशन युग में जहां इलेक्ट्रीक के उपकरण लोगों के बीच हावी हो गया है. मिट्टी से लेकर अन्य सामान इतने महंगे दामों में मिल रहे हैं कि इस समाज के लोग अपने पेशेवर धंधे से विमुख होकर अब मजदूरी पर कार्य करने को विवश होने लगे हैं. महंगाई इतनी हो गयी है कि इस समाज को दो साल पूर्व जहां चौबीस सौ से पच्चीस सौ रूपये मिट्टी ट्रेलर मिलते थे. वही अब सात से आठ हजार रूपये प्रति ट्रेलर मिल रहे हैं. महंगे दामों में मिट्टी लेकर महंगे दामों में दीप, दीया बेचने पर ग्राहक लेने से सीधे इंकार कर दे रहे हैं. जिसका नतीजा है कि उनके समाज के लोग अब केवल भांड के सहारे अपने बच्चों के भविष्य बनाने को मजबूर हैं. ऐसा नगर निगम पटेल चौक के एकमात्र कुम्हर टोली के राजकिशोर पंडित, राजकुमार पंडित, संतोष पंडित, ज्योतिष पंडित, हरदेश पंडित समेत अन्य का कहना है. वे लोग कहते हैं कि मौसम की बेरूखी इस कदर हावी है कि दीया काफी कम बन पा रहा है. किसी तरह जमापूंजी से मिट्टी लाकर दीपावली के लिए दीप, दीया बनाने का प्रयास करते हैं. लेकिन मौसम साथ नहीं दे रहा है. जिसके कारण बना बनाया सामान सूख नहीं पा रहा है और गल कर खराब हो जा रहा है. मनमाने दर पर मिल रहा है मिट़टी पटेल चौक कुम्हर टोली के राजकिशोर पंडित, राजकुमार पंडित, संतोष पंडित समेत अन्य का कहना है कि महंगाई इतना बढ़ गया है कि मनमाने दर पर मिट्टी मिल रहा है. सामानों के दामों में महंगाई बढ़ी लेकिन उनके द्वारा बनाये गये दीयों के दर नहीं बढने से उनके समाज के लोग जो वषों से यह कार्य कर रहे थे, कितने छोड़ चुके हैं. यह कार्य उनके लिए पुश्तैनी है. दादा-दादी, चाचा-चाची अब वे लोग खुद कर रहे हैं. लेकिन अब इस धंधे में कोई लाभ नहीं रह गया है. कई लोग इस धंधे को छोड़कर कपड़ा दुकान में चार से पांच सौ रूपये प्रतिदिन मजदूरी पर पकड़ लिया है. 2021 में लॉकडाउन के बाद से वे लोग बना बनाया भांड लाकर केवल बेचने का कार्य कर रहे हैं. शहर से सस्ता देहातों में मिल रहे सामान उनलोगाें का कहना है कि शहर से अधिक सस्ते दरों पर दीये से लेकर अन्य सामान जो दीपोत्सव में उपयायेग होता है देहात में मिल जाता है. शहर में सभी चीजों को खरीदना पड़ता है. लेकिन देहात में ऐसा नहीं है. खासकर मिट्टी के लिए दूर दराज से जाकर खरीदना पड़ता है. लेकिन देहात इलाके में कम दर पर मिट्टी उपलब्ध होने की वजह से दीपों का दर कम हो जाता है. यही कारण है कि शहर के लोग भी देहात में जाकर दीपावली के लिए दीप, दीये व कई अन्य सामानों की खरीदारी करते हैं. लॉकडाउन के बाद बहुत कम ऐसे लोग हैं. इस समाज से जो अपना पेशेवर कार्य कर रहे हैं. कुरेठा, सेमापुर, प्राणपुर समेत अन्य प्रखंडों में अधिक संख्या में इस समाज के लोग दीप, दीया आदि बनाते हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By RAJKISHOR K

RAJKISHOR K is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >