बारसोई में फसल क्षति के मुआवजे की मांग को लेकर भाकपा माले का धरना-प्रदर्शन बारसोई. पिछले दिनों आई तेज आंधी-तूफान व भारी वर्षा से फसलों को हुए नुकसान को लेकर भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) भाकपा माले के बैनर तले मंगलवार को बारसोई अनुमंडल कार्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन किया. इस दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने किसानों की समस्याओं को लेकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की. धरना प्रदर्शन का नेतृत्व भाकपा माले के पूर्व विधायक महबूब आलम एवं महिला नेत्री जूही महबूबा कर रही थी. धरना के बाद पार्टी प्रतिनिधिमंडल ने अनुमंडल प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए हजारों एकड़ में बर्बाद हुई फसलों पर अविलंब मुआवजा देने की मांग की, ज्ञापन में कहा गया है कि प्राकृतिक आपदा से खासकर मक्का एवं गेहूं की फसल को भारी क्षति हुई है, जिससे किसान आर्थिक संकट में हैं. पार्टी ने मक्का फसल की क्षति पर 50 हजार रुपए प्रति एकड़ तथा गेहूं की क्षति पर 40 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा देने की मांग की है. साथ ही अन्य फसलों की क्षति का आकलन कर उचित मुआवजा देने की भी बात कही गई है, धरना-प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने कहा कि वर्तमान में अधिकांश खेती बटाईदारी पर होती है, लेकिन मुआवजा केवल जमीन मालिकों को मिलता है, जिससे बटाईदार किसान वंचित रह जाते हैं, इससे उनकी आर्थिक स्थिति और खराब हो जाती है. पार्टी नेताओं ने प्रशासन से मांग की कि बटाईदार किसानों को चिह्नित कर उन्हें पहचान पत्र दिया जाए, ताकि उन्हें भी सीधे मुआवजा मिल सके. धरना-प्रदर्शन व ज्ञापन सौंपने वालों में महिला नेत्री जूही महबूबा, पूर्व विधायक महबूब आलम, कामरेड इजहार आलम, शिवकुमार यादव, कासिम आलम, असमा खातून, काजिम इरफानी, अली रेजा, मुखिया नियाज सहित कई कार्यकर्ता शामिल थे, नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि किसानों को शीघ्र मुआवजा नहीं दिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा.
प्रति एकड़ 50 हजार तक मुआवजा व बटाइदार किसानों को लाभ देने की मांग
पिछले दिनों आई तेज आंधी-तूफान व भारी वर्षा से फसलों को हुए नुकसान को लेकर भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) भाकपा माले के बैनर तले मंगलवार को बारसोई अनुमंडल कार्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन किया
