फायर ऑडिट के आदेश बेअसर, बारसोई बाजार में मंडरा रहा बड़े हादसे का खतरा

बारसोई बाजार में फायर सेफ्टी के नियमों की अनदेखी और बढ़ते अतिक्रमण से बड़े हादसे का खतरा मंडरा रहा है। प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है।

बारसोई : दिल्ली और मुजफ्फरपुर में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद प्रशासन की ओर से फायर सेफ्टी को लेकर लगातार निर्देश दिए जा रहे हैं, लेकिन बारसोई मुख्य बाजार में इनका असर अभी तक दिखाई नहीं दे रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि बाजार के कई बहुमंजिला व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा मानकों का समुचित पालन नहीं हो रहा है, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है.

बहुमंजिला प्रतिष्ठानों में सुरक्षा इंतजाम पर सवाल

बारसोई बाजार के धान हट्टी, सब्जी हट्टी और विष्णु मंदिर जाने वाले मार्ग पर कई पुराने बहुमंजिला कपड़ा प्रतिष्ठान संचालित हैं. यहां प्रतिदिन हजारों लोगों की आवाजाही होती है. स्थानीय लोगों का कहना है कि इन भवनों में अग्निशमन यंत्र, आपातकालीन निकास और अन्य जरूरी सुरक्षा व्यवस्थाएं पर्याप्त नहीं हैं. कपड़ों जैसे ज्वलनशील सामान की अधिकता के कारण आग लगने की स्थिति में नुकसान कई गुना बढ़ सकता है.

अतिक्रमण से बाधित हो सकता है राहत कार्य

बाजार की कई सड़कों पर दुकानदारों द्वारा चौकी-बेंच लगाकर सामान सजाया गया है. ऊपर से तिरपाल और प्लास्टिक डालने के कारण सड़कें और संकरी हो गई हैं. लोगों का कहना है कि ऐसी स्थिति में दमकल, एंबुलेंस और पुलिस के बड़े वाहनों को घटनास्थल तक पहुंचने में भारी परेशानी हो सकती है.

विष्णु मंदिर मार्ग पर भी परेशानी

धान हट्टी से पूरब स्थित प्राचीन विष्णु मंदिर जाने वाला मार्ग भी लंबे समय से अतिक्रमण की चपेट में है. प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस रास्ते से गुजरते हैं, लेकिन संकरी सड़क के कारण उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. त्योहारों के दौरान स्थिति और गंभीर हो जाती है.

लोगों ने उठाई कार्रवाई की मांग

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अतिक्रमण हटाने और फायर सेफ्टी सुनिश्चित करने को लेकर कई बार बैठकें और निर्देश जारी हुए, लेकिन जमीनी स्तर पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई. उन्होंने प्रशासन से बाजार के सभी बहुमंजिला प्रतिष्ठानों का तत्काल फायर ऑडिट कराने, अग्नि सुरक्षा मानकों की जांच करने और विशेष अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाने की मांग की है.

स्थानीय लोगों का कहना है कि जनहित से जुड़े इस गंभीर मुद्दे पर अब केवल बैठकों और निर्देशों से काम नहीं चलेगा, बल्कि समय रहते प्रभावी कार्रवाई जरूरी है, ताकि किसी संभावित बड़े हादसे से पहले लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.

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लेखक के बारे में

Author: Arvind gupta

Published by: Shruti Kumari

अरविंद गुप्ता को पत्रकारिता में 14 वर्षों का अनुभव. पत्रकारिता के क्षेत्र में वर्ष 2012 से लगातार कार्य कार्यरत हैं. वर्तमान में कटिहार जिले के बारसोई से समाचार संकलन का कार्य कर रहे हैं.

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