बारसोई . नगर की जीवनरेखा मानी जाने वाली शहीद शुभम चौक से थाना रोड, ब्लॉक रोड, भाग बारसोई होते हुए कोटा, करीमगंज और जमीरा तक जाने वाली मुख्य सड़क पिछले छह से सात वर्षों से बदहाल है. मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत निर्मित इस सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढे बन गए हैं. उखड़ी सड़क और बारिश के बाद जलजमाव के कारण इस मार्ग पर सफर करना जोखिम भरा हो गया है.
प्रशासनिक कार्यालयों तक पहुंचने का प्रमुख मार्ग
यह सड़क बारसोई थाना, प्रखंड कार्यालय, अंचल कार्यालय, अनुमंडल कार्यालय, अनुमंडल अस्पताल और बिजली विभाग कार्यालय तक पहुंचने का मुख्य मार्ग है. प्रतिदिन हजारों लोग, मरीज, स्कूली छात्र-छात्राएं, कर्मचारी, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी इसी मार्ग से गुजरते हैं. इसके बावजूद वर्षों से सड़क की मरम्मत नहीं होने से लोगों में नाराजगी है.
बारिश में बढ़ जाता है हादसे का खतरा
स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान सड़क के गड्ढे पानी से भर जाते हैं, जिससे उनकी गहराई का पता नहीं चल पाता. इसके कारण आए दिन बाइक और साइकिल सवार दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं. पैदल चलने वालों को भी कीचड़ और जलजमाव के बीच आवागमन करना पड़ता है. कई बार मरीजों को लेकर जाने वाली एंबुलेंस भी खराब सड़क के कारण धीमी गति से चलने को मजबूर हो जाती है.
रखरखाव नहीं होने से बिगड़ती गई स्थिति
क्षेत्रवासियों का कहना है कि मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत बनी इस सड़क का समय पर रखरखाव और मरम्मत नहीं होने से इसकी हालत लगातार खराब होती गई. लोगों का कहना है कि प्रशासनिक अधिकारियों के वाहन भी प्रतिदिन इसी मार्ग से गुजरते हैं, लेकिन अब तक सड़क की मरम्मत के लिए कोई ठोस पहल नहीं की गई है.
मरम्मत नहीं हुई तो होगा आंदोलन
स्थानीय लोगों ने सरकार, जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से सड़क की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया गया तो जनआंदोलन किया जाएगा. लोगों का कहना है कि यह सड़क पूरे बारसोई अनुमंडल की प्रशासनिक व्यवस्था और आम जनजीवन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है.
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