दिनभर रखवाली के बाद रात के अंधेरे में साफ हो रही मेहनत, प्रशासन से गुहार दुर्गावती. स्थानीय प्रखंड क्षेत्र के छांव व खड़सरा पंचायत सहित इलाके के चोगड़ा आदि गांव के बधारों में घड़रोज व नीलगाय जैसे जंगली जानवर किसानों की फसलों को खाकर व रौंदकर बर्बाद कर रहे हैं. इससे किसान अपनी मेहनत और लागत बर्बाद होते देख चिंतित हैं. यह हाल इन दिनों खड़सरा पंचायत के धनेछा गांव के पूर्वी तरफ तथा छांव पंचायत के भदैनी, भेरिया आदि गांवों के बधारों की है, जहां घड़रोज हर दिन फसलों को तहस-नहस कर रहे हैं. किसानों का कहना है कि बढ़ती महंगाई के दौर में एक तो खेती करना मुश्किल हो गया है. सिंचाई, खाद और बीज की कीमतें आसमान छू रही हैं, ऐसे में घड़रोज व नीलगाय जैसे जानवर खेतों में खड़ी गेहूं आदि चैती फसलों को नष्ट कर देते हैं, जिससे उन्हें दोहरा नुकसान उठाना पड़ रहा है. गौरतलब है कि दिन के समय तो किसान किसी तरह अपने खेतों की रखवाली कर लेते हैं, लेकिन रात में उन्हें घर लौटना पड़ता है. इसी दौरान ये जानवर ज्यादातर रात को खेतों में घुसकर फसलों को चट कर जाते हैं. धनेछा गांव के सुधीर कुमार सिंह, भेरिया के धनंजय सिंह, चोगड़ा के अमर सिंह आदि ने इस समस्या पर चिंता जताते हुए कहा है कि ऐसे जानवर लगातार फसलों को भारी क्षति पहुंचा रहे हैं. इस संबंध में क्षेत्रीय शासन-प्रशासन का ध्यान भी आकृष्ट कराया गया है.
फसलों को खाकर व रौंदकर बर्बाद कर दे रहे जंगली जानवर
दिनभर रखवाली के बाद रात के अंधेरे में साफ हो रही मेहनत, प्रशासन से गुहार
