KAIMUR NEWS.ख्यमंत्री परिभ्रमण योजना के तहत बिहार दर्शन के लिए रवाना हुए मध्य विद्यालय बढ़ौना के छात्र-छात्राओं और शिक्षकों से भरी बस के साथ हुए हादसे में जान गंवाने वाले शिक्षक संजय कुमार राय पूर्व में कोचस प्रखंड के एक विद्यालय में नियोजित शिक्षक थे. वर्ष 2022 में उनकी बहाली हुई थी.
By Vikash Kumar | Updated at :
रोहतास के परसथुआ में बच्चों व शिक्षकों से भरी बस दुघर्टनाग्रस्त होने के मामले में शिक्षा विभाग गंभीर
भभुआ नगर.
मुख्यमंत्री परिभ्रमण योजना के तहत बिहार दर्शन के लिए रवाना हुए मध्य विद्यालय बढ़ौना के छात्र-छात्राओं और शिक्षकों से भरी बस के साथ हुए हादसे में जान गंवाने वाले शिक्षक संजय कुमार राय पूर्व में कोचस प्रखंड के एक विद्यालय में नियोजित शिक्षक थे. वर्ष 2022 में उनकी बहाली हुई थी. सक्षमता परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद वे विशिष्ट शिक्षक बने और स्थानांतरण के बाद बढ़ौना विद्यालय में योगदान दिया था. वे छात्रों के बीच काफी लोकप्रिय थे. उनकी मौत की खबर मिलते ही अंतिम दर्शन के लिए हजारों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी. आसपास के विद्यालयों के शिक्षक और छात्र-छात्राएं भी श्रद्धांजलि देने पहुंचे.
चकिया के शिक्षक पुनीत कुमार सिंह का बीपीएसएसी से हुआ था चयन
हादसे में उत्तर प्रदेश के चकिया निवासी शिक्षक पुनीत कुमार सिंह की भी मृत्यु हो गयी. वे बिहार लोक सेवा आयोग के माध्यम से टीआरइ-3 में चयनित शिक्षक थे और बढ़ौना विद्यालय में कार्यरत थे. परिभ्रमण को लेकर छात्र-छात्राओं में काफी उत्साह था. कई छात्र पहली बार बिहार दर्शन पर जा रहे थे और उन्होंने इसकी तैयारी पहले से कर रखी थी, लेकिन यह यात्रा कुछ ही घंटों में दर्दनाक हादसे में बदल गयी.
शोकसभा, मासिक बैठक स्थगित
घटना की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से फैलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गयी. मंगलवार को कई विद्यालयों में शोक सभा आयोजित कर दिवंगत शिक्षकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गयी. बीआरसी भवन में आयोजित प्रधानाध्यापकों की मासिक बैठक भी स्थगित कर दी गयी. इधर, जिला शिक्षा पदाधिकारी राजन कुमार ने मामले में संज्ञान लेते हुए तीन दिनों के अंदर स्पष्टीकरण देने का आदेश जारी किया है. निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं देने पर निलंबन सहित विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गयी है. जिला शिक्षा पदाधिकारी ने जारी आदेश में कहा है कि विभागीय पत्र के अनुसार शैक्षणिक परिभ्रमण के लिए विद्यालय से प्रस्थान का समय सुबह 7:00 बजे से 8:00 बजे के बीच निर्धारित था, इसके बावजूद प्रधानाध्यापक द्वारा बस को रात में ही विद्यालय परिसर से रवाना कर दिया गया, जो स्पष्ट रूप से आदेश की अवहेलना है.
बस हादसे के बाद बढ़ा मामला
गौरतलब है कि विद्यालय से रात में प्रस्थान करने के बाद बस परसथुआ थाना क्षेत्र के सोहसा गांव के समीप दुर्घटनाग्रस्त हो गयी. हादसे में दो शिक्षकों की मौत हो गयी, जबकि कई शिक्षक, छात्र-छात्राएं एवं एक अभिभावक घायल हो गये. इस दुखद घटना के बाद पूरे जिले में शोक की लहर है. ऐसे में शिक्षा विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.
संतोषजनक जवाब नहीं देने पर सख्त कार्रवाई
डीइओ ने स्पष्ट किया है कि यदि तीन दिनों के भीतर संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया, तो संबंधित प्रधानाध्यापक के विरुद्ध निलंबन सहित कड़ी विभागीय कार्रवाई की जायेगी. प्रशासन ने कहा है कि भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जायेगी.
कहते हैं जिला शिक्षा पदाधिकारी
इस संबंध में जिला शिक्षा पदाधिकारी राजन कुमार ने कहा कि प्रधानाध्यापक द्वारा विभागीय पत्र की अनदेखी की गयी है, जिसके कारण इस तरह की दुखद घटना सामने आयी है. उन्होंने स्पष्ट किया कि आदेश के अनुसार बस का प्रस्थान सुबह के समय निर्धारित था, फिर रात्रि में किस परिस्थिति में बस रवाना किया गया, इसका स्पष्टीकरण मांगा गया है. तीन दिनों के भीतर संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं करने पर संबंधित प्रधानाध्यापक के विरुद्ध निलंबन सहित विभागीय कार्रवाई की जायेगी.