Kaimur Snake Bite Women Death : भभुआ थाना क्षेत्र के मनिहारी गांव में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां सांप के काटने के बाद समय पर इलाज नहीं मिलने से एक महिला की मौत हो गई. घटना ने एक बार फिर अंधविश्वास और लापरवाही के खतरनाक परिणाम को उजागर कर दिया है.
मृत महिला की पहचान धनंजय लोहार की 30 वर्षीय बेटी आरती कुंवर के रूप में हुई है. वह विधवा थी और अपने चार बच्चों के साथ पिछले दो वर्षों से मायके में रह रही थी.
Kaimur News: रोटी बनाते समय सांप ने काटा
परिजनों के अनुसार, शुक्रवार रात आरती कुंवर घर में रोटी बना रही थी. इसी दौरान किसी जहरीले सांप ने उसे काट लिया. शुरुआत में स्थिति की गंभीरता को समझने के बजाय परिजन उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाने की जगह झाड़फूंक कराने में जुट गए.
डेढ़ घंटे झाड़फूंक, फिर अस्पताल-लेकिन देर हो चुकी थी
महिला को चैनपुर थाना क्षेत्र के भदौरा गांव स्थित अमवा के सत्ती माई स्थान ले जाया गया, जहां करीब डेढ़ घंटे तक झाड़फूंक की गई. लेकिन हालत में कोई सुधार नहीं हुआ. इसके बाद परिजन उसे भभुआ सदर अस्पताल लेकर पहुंचे.
अस्पताल में इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर ने जांच के बाद महिला को मृत घोषित कर दिया. अगर समय पर इलाज कराया जाता, तो संभवतः उसकी जान बचाई जा सकती थी.
Kaimur Police: पुलिस ने कराया पोस्टमार्टम
घटना की सूचना मिलते ही भभुआ थाना पुलिस अस्पताल पहुंची. शनिवार सुबह पंचनामा की प्रक्रिया पूरी कर शव का पोस्टमार्टम कराया गया और बाद में शव परिजनों को सौंप दिया गया.
जिले में बढ़ रहे सर्पदंश के मामले
गौरतलब है कि इस वर्ष बारिश शुरू होने से पहले ही जिले में सर्पदंश की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं. पिछले 40 दिनों में तीन महिलाओं सहित आठ लोगों की मौत हो चुकी है. चिंताजनक बात यह है कि अधिकतर मामलों में समय पर अस्पताल नहीं पहुंचने और झाड़फूंक के चक्कर में पड़ने से जान गई है.
अस्पताल में उपलब्ध है जीवनरक्षक दवा
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, भभुआ सदर अस्पताल समेत सभी प्रमुख सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में एंटी स्नेक वेनम (Anti Snake Venom) उपलब्ध है. ऐसे में सांप काटने की स्थिति में तुरंत अस्पताल पहुंचना ही सबसे सुरक्षित और प्रभावी उपाय है.
यह घटना एक कड़वी सच्चाई को सामने लाती है-अंधविश्वास के कारण अब भी लोग अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं. जागरूकता और समय पर चिकित्सा ही सर्पदंश जैसी घटनाओं में जीवन बचाने की कुंजी है.
