वाराणसी ट्रॉमा सेंटर में बिहार के आयुष्मान कार्ड पर इलाज बंद, मरीज बेहाल

बिहार सरकार पर आठ करोड़ रुपये बकाया होने के कारण यूपी में रुकी सुविधा

बिहार सरकार पर आठ करोड़ रुपये बकाया होने के कारण यूपी में रुकी सुविधा कैमूर, रोहतास व बक्सर सहित कई जिलों के गरीब मरीजों की बढ़ी परेशानी एक माह से यूपी ट्राॅमा सेंटर से लौट रहे बिहार के मरीज, सरकार से इलाज शुरू कराने की गुहार मोहनिया शहर. सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में शामिल आयुष्मान भारत योजना के तहत आयुष्मान कार्ड से पिछले एक माह से यूपी के ट्राॅमा सेंटर में कैमूर सहित पूरे बिहार के मरीजों का इलाज बंद हो गया है. इसके कारण मरीजों को काफी परेशानी हो रही है. बता दें कि बिहार के कैमूर, रोहतास व औरंगाबाद सहित कई यूपी सीमा से सटे जिले के मरीज गंभीर स्थिति में इलाज के लिए वाराणसी के ट्राॅमा सेंटर जाते हैं, जहां आयुष्मान कार्ड वाले मरीजों का नि:शुल्क इलाज किया जाता है. ऐसे में ट्राॅमा सेंटर में आयुष्मान कार्ड के लिए अलग से एक काउंटर पर्ची भी बनाया गया है. लेकिन, पिछले एक माह से आयुष्मान कार्ड पर इलाज करना ट्राॅमा सेंटर द्वारा बंद कर दिया गया है, जो अब मरीज के लिए परेशानी बन गया है. ऐसे में इस गंभीर मामले को लेकर मरीज स्थानीय जनप्रतिनिधि व अधिकारियों से गुहार लगा रहे हैं कि आखिर कब आयुष्मान कार्ड से इलाज शुरू होगा. मालूम हो कि यूपी से कैमूर जिला सटा हुआ है, जिसमें दुर्घटना से लेकर हर तरह के गंभीर रोग से ग्रसित मरीज इलाज के लिए ट्रामा सेंटर जाते हैं. लेकिन, जनवरी माह से ही ट्राॅमा सेंटर में बिहार के आयुष्मान कार्ड पर इलाज बंद कर दिया गया है, जिससे लोग निराश होकर वापस लौट जा रहे है. इस समस्या से न केवल कैमूर बल्कि पूरे बिहार के मरीज परेशान हैं. कैमूर के अलावा बक्सर, औरंगाबाद, रोहतास व यूपी से सटे कई जिले के लोगो के लिए लाइफलाइन बना ट्रॉमा सेंटर में इलाज बंद हो गया है. यूपी के ट्राॅमा सेंटर में आयुष्मान कार्ड पर हुए मरीजों के इलाज का बिहार सरकार पर करीब आठ करोड़ का बकाया हो गया है. इसको लेकर बिहार सरकार को ट्राॅमा सेंटर प्रशासन द्वारा पत्र भी लिखा गया है, जहां एक माह से अधिक समय से आयुष्मान कार्ड से बिहार के मरीजों का इलाज यूपी के बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में बंद हो गया. लेकिन, अब तक इसे लेकर सरकार स्तर से कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है, जिससे आखिर कब यह चालू होगा, बता पाना मुश्किल भी हो गया है. बता दें कि यूपी के ट्राॅमा सेंटर में आयुष्मान कार्ड से इलाज नहीं होना बार्डर से सटे जिला के लोगों के लिए एक गंभीर समस्या है. यहां गरीब मरीज आयुष्मान कार्ड होने के बाद भी परेशानी झेल रहे हैं. इधर, रामगढ़ विधायक सतीश कुमार सिंह द्वारा विधानसभा सत्र में यूपी के ट्राॅमा सेंटर में आयुष्मान कार्ड पर बिहार के मरीजों का इलाज नहीं होने का मुद्दा गंभीरता से उठाया गया है, जिसमें बिहार सरकार पर आठ करोड़ बकाया होने की भी चर्चा विधानसभा में की गयी है. # क्या है आयुष्मान कार्ड योजना आयुष्मान कार्ड योजना भारत सरकार की एक बड़ी स्वास्थ्य सुरक्षा योजना प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत आती है. इसका मकसद है गरीब और कमजोर परिवारों को अस्पताल का इलाज नि:शुल्क कैशलेस मुहैया कराना है. आयुष्मान कार्ड एक स्वास्थ्य बीमा कार्ड है, जो पात्र परिवारों को मिलता है और इसके द्वारा सरकारी तथा प्राइवेट (सूचीबद्ध) अस्पतालों में 5,00,000 तक का इलाज हर साल बिना पैसे दिये कराया जा सकता है. # क्या कहते हैं मरीज – इस संबंध में मुठानी गांव निवासी अनिल कुमार शर्मा ने बताया ट्राॅमा सेंटर में इलाज के लिए गये थे, जहां हड्डी से संबंधित जांच करा ऑपरेशन कराना था. लेकिन जानकारी हुई कि आयुष्मान कार्ड पर इलाज नहीं होगा, जिसके बाद वापस लौट आये. – इस संबंध में चेतन राम ने बताया हमारा आयुष्मान कार्ड बना हुआ है, लेकिन पिछले एक माह से ट्रॉमा सेंटर में इलाज आयुष्मान कार्ड से नहीं हो रहा है, जिससे काफी परेशानी हो रही है. हम लोगों के लिए ट्रॉमा सेंटर एक लाइफलाइन की तरह है. # क्या कहते हैं बक्सर सांसद इस संबंध में पूछे जाने पर बक्सर सांसद सुधाकर सिंह ने बताया हमें भी इसकी जानकारी हुई है कि बिहार के लोगों का आयुष्मान कार्ड पर यूपी के ट्राॅमा सेंटर में इलाज नहीं हो रहा है. यह एक गंभीर मुद्दा है, जिसको लेकर मुख्यमंत्री ओर स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिखकर जल्द से जल्द इस समस्या को दूर करने की बात कही गयी है. # बोले बीएचयू के डायरेक्टर इस संबंध में बीएचयू के डायरेक्टर एसके शंखवार ने बताया ट्राॅमा के हेड द्वारा आयुष्मान कार्ड पर हुए इलाज का आठ करोड़ रुपये बिहार सरकार पर बकाया है, जिसे लेकर फिलहाल इलाज रोक दिया गया है. लेकिन, उम्मीद है बहुत जल्द आयुष्मान कार्ड पर बिहार के लोगों का इलाज शुरू करा दिया जायेगा.

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By VIKASH KUMAR

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