फाइलेरिया उन्मूलन अभियान को लेकर शिक्षकों व सेविकाओं को दिया गया प्रशिक्षण

राज्य सरकार के निर्देश पर प्रखंड क्षेत्र को फाइलेरिया मुक्त बनाने के लिए 10 से 27 फरवरी तक फाइलेरिया उन्मूलन अभियान चलाया जायेगा.

10 से 27 फरवरी तक चलेगा फाइलेरिया उन्मूलन अभियान रामपुर. राज्य सरकार के निर्देश पर प्रखंड क्षेत्र को फाइलेरिया मुक्त बनाने के लिए 10 से 27 फरवरी तक फाइलेरिया उन्मूलन अभियान चलाया जायेगा. इसे लेकर सोमवार को सीएचसी प्रभारी डॉ रमेश कुमार की अध्यक्षता में पीएचसी सभागार भवन में प्रखंड क्षेत्र के सभी विद्यालयों के प्रधान शिक्षकों व आंगनबाड़ी सेविकाओं को प्रशिक्षण दिया गया. फाइलेरिया उन्मूलन अभियान की जानकारी देते हुए स्वास्थ्य प्रबंधक जय प्रकाश यादव ने बताया कि क्षेत्र को फाइलेरिया मुक्त बनाने के उद्देश्य से 10 से 27 फरवरी तक अभियान चलाया जायेगा. प्रशिक्षक विशंभर नाथ पाठक सिफो कोऑर्डिनेटर ने उपस्थित प्रधान शिक्षकों व आंगनबाड़ी सेविकाओं को बताया कि इस अभियान के तहत दो वर्ष से अधिक उम्र के सभी बच्चों को विद्यालयों व केंद्रों पर दवा खिलायी जायेगी. उन्होंने बताया कि यह दवा एक वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं, अत्यंत वृद्ध व गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को नहीं खिलायी जायेगी. दवा उम्र के अनुसार दी जायेगी, जिसमें 1 से 2 वर्ष के बच्चों को अल्बेंडाजोल की आधी गोली, 2 से 5 वर्ष के बच्चों को डीइसी की एक व अल्बेंडाजोल की एक गोली, 6 से 14 वर्ष के लोगों को डीइसी की दो व अल्बेंडाजोल की एक गोली तथा 15 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को डीइसी की तीन व अल्बेंडाजोल की एक गोली खिलायी जायेगी. वहीं, सीएचसी प्रभारी डॉ रमेश कुमार ने बताया कि दवा खिलाने के बाद यदि किसी प्रकार की परेशानी होती है, तो तत्काल स्वास्थ्य टीम से संपर्क करें. उन्होंने यह भी बताया कि फाइलेरिया बीमारी क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होती है. जब यह मच्छर किसी व्यक्ति को काटता है तो रोग के लक्षण 10 वर्ष बाद तक सामने आते हैं. दवा का सेवन करने से इस रोग की संभावना नहीं रहती है. इस बैठक में शिवानंद सिंह पीरामल कोऑर्डिनेटर, बीसीएम राकेश कुमार, सभी प्रधान शिक्षक, आंगनबाड़ी सेविकाएं व अन्य स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित रहे.

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Published by: Vikash kumar

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