Kaimur News : अधिग्रहित भूमि के मुआवजा भुगतान के लिए 23 से 30 जून तक लगेगा कैंप

जिला प्रशासन द्वारा 23 से लेकर 30 जून तक विभिन्न अंचलों में शिविर का आयोजन कराया जायेगा

भभुआ. भारत माला परियोजना के तहत बनाये जा रहे कोलकाता-रांची-वाराणसी एक्सप्रेसवे के निर्माण में सरकार द्वारा किसानों के किये गये भूमि अधिग्रहण में मुआवजा भुगतान करने को लेकर आर्बिट्रेटर न्यायालय के आदेश के आलोक में जिला प्रशासन द्वारा 23 से लेकर 30 जून तक विभिन्न अंचलों में शिविर का आयोजन कराया जायेगा. लेकिन, कैंप स्थलों का चयन रैयतों की सुविधा, लोकेशन आदि के आधार पर संबंधित अंचलाधिकारी द्वारा किया जायेगा. 23 जून को इस कैंप का आयोजन भभुआ अंचल के बेतरी, कुडासन, ढढनियां, गोडहन में, भगवानपुर के ओरा तथा दुबौली में, चैनपुर मौजा के सिहोरा तथा बिरना में तथा रामपुर अंचल के अकोढी तथा टेटिहां में लगाया जायेगा. 24 जून का यह कैंप रामपुर अंचल के नरजो तथा करजाई में, भभुआ अंचल के शिवपट्टी, सारंगपुर, दुमदुम तथा सीवों में, भगवानपुर के भैरोपुर तथा ददरा में, चांद अंचल के जिगना तथा खैटी में, चैनपुर के करवंदिया तथा दुलहरा में कैंप लगाया जायेगा. 25 जून का यह कैंप चैनपुर अंचल के मानपुर तथा गाजीपुर में, भगवानपुर के कोचाडी, कोचडा तथा कुशडेहरा में, भभुआ अंचल के सेमरा तथा माधोपुर में, रामपुर अंचल के विजरा तथा झलखोरा में लगाया जायेगा. 26 जून को यह कैंप रामपुर अंचल के रामपुर तथा निसिझा में, चांद अंचल के भेरी तथा बघैला में, चैनपुर के बिउर तथा सिंकदरपुर में लगाया जायेगा. 27 जून का यह कैंप चैनपुर अंचल के मसोई कला तथा मसोई खुर्द में, चांद अंचल के सरैला तथा बैरी में, रामपुर अंचल के गंगापुर तथा पाली में लगाया जायेगा. 28 जून को यह कैंप रामपुर अंचल के बसनी तथा पतीला में, चांद अंचल के लहुरी बेरी तथा कुतबनपुर में, चैनपुर अंचल के डडवा तथा खखडा में लगाया जायेगा. 29 जून का यह कैंप कहीं नहीं लगना है. 30 जून को यह कैंप रामपुर अंचल के चमरियांव तथा कुडन में, चांद अंचल के गेहुआं में तथा चैनपुर अंचल के सिरबिट तथा कुरई में लगाया जायेगा. = शिविर में नहीं आने पर न्यायालय में जमा होगी राशि अधिग्रहित भूमि के मुआवजा को लेकर लगाये जाने वाले शिविर में किसान अपने अधिग्रहित जमीन के स्वामित्व का आवश्यक कागजात उपलब्ध करायेंगे. उपरोक्त जानकारी देते हुए जिला भू अर्जन पदाधिकारी ने बताया कि भूमि स्वामित्व से संबंधित कागजात जैसे खतियान, केवाला, अद्यतन लगान रसीद जिस पर खाता, खेसरा और रकबा अंकित हो, खतियानी केवालादार रैयत के मृत्यु के पश्चात मृत्यु प्रमाण पत्र, अंचलाधिकारी द्वारा निर्गत वंशावली, पारिवारिक सदस्यता प्रमाण पत्र, बंटवारा से संबंधित कागजात या आपसी सहमति शपथ पत्र, सहमति देने वाले भू धारी अपने फोटो पहचान पत्र के साथ स्वयं उपस्थित रहेंगे, पैन कार्ड, 10-10 रुपये के दो नान ज्यूडिशियल स्टाम्प पेपर, बैंक पासबुक, आधार कार्ड, पांच रंगीन पासपोर्ट साइज के फोटो, पांच रेन्वयू टिकट के साथ यदि न्यायालय द्वारा पारित कोई आदेश हो तो उसे उपलब्ध कराना सुनिश्चित कराना होगा. उन्होंने बताया कि यदि शिविर में भू धारी उपस्थित होकर अपनी जमीन के हित से संबंधित सभी कागजात उपलब्ध नहीं कराते हैं, तो मुआवजा की राशि नियमानुसार सक्षम न्यायालय में जमा कर दी जायेगी, जिसके लिए रैयत स्वयं जिम्मेदार होंगे. इन्सेट एक्सप्रेसवे निर्माण में 1639 एकड़ जमीन किया गया अधिग्रहण भभुआ. उचित मुआवजे को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों के अनुसार, वाराणसीञकोलकाता एक्सप्रेसवे में सरकार द्वारा कैमूर जिले के भभुआ, चांद, रामपुर, चैनपुर तथा भगवानपुर प्रखंड के विभिन्न मौजों में कुल 93 मौजों में किसानों के 1636 एकड़ जमीन का अधिग्रहण सरकार द्वारा किया गया है. यह एक्सप्रेसवे उत्तरप्रदेश के बाद जिले में चांद प्रखंड के गोई गांव में प्रवेश करेगा. यहां से होते हुए जिगना, खांटी, बघैला, सिहोरियां, पिपरियां, मोरवा से होकर चैनपुर प्रखंड के सिरबिट, खखरा, मसोई, सिंकदरपुर, मानपुर, दुलहरा होते हुए भभुआ के मानिकपुर, देवर्जीकला, बेतरी, कुडासन, सारंगपुर, पलका, सीवों, कुश डिहरा, माधवपुर, धरवार, सेमरा से होते हुए भगवानपुर के अकोढी, ददरा, मेहंदवार तथा रामपुर प्रखंड के दुबौली, पसाई, बसुहारी, सोनरा, अकोढी, पछहरा, गंगापुर, बसनी, ठकुरहट, सवार और निसिजा होते हुए कैमूर के 38 गांवों के बाद रोहतास जिले में घुस जायेगा. इस तरह कैमूर के पांच अंचलों के 93 मौजों से होकर यह एक्सप्रेसवे कैमूर जिले में 52 किलोमीटर का सफर तय करेगा.

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By PRABHANJAY KUMAR

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