शहर में प्रशासन की लाठी पर इ-रिक्शा चालकों की मनमानी पड़ रही भारी

भभुआ शहर के रहने वाले लोग व बाजार करने शहर आने वाले ग्रामीण पहले ही शहर में जगह-जगह लगने वाले ऑटो व गलत पार्किंग करने वाले निजी वाहनों से परेशान थे.

इ-रिक्शा व अवैध पार्किंग ने बढ़ायी भभुआ की मुसीबत, नहीं हो रही कार्रवाई चार विभाग जिम्मेदार, फिर भी नहीं निकल पाया समाधान प्रशासनिक उदासीनता से ई-रिक्शा चालकों की मनमानी चरम पर भभुआ सदर. भभुआ शहर के रहने वाले लोग व बाजार करने शहर आने वाले ग्रामीण पहले ही शहर में जगह-जगह लगने वाले ऑटो व गलत पार्किंग करने वाले निजी वाहनों से परेशान थे. ऊपर से अब शहर में इ-रिक्शा के बंपर चलन ने जाम व अतिक्रमण की समस्या को और बढ़ा दिया है. चौक-चौराहों सहित शहर में कहीं भी सवारी वाहनों को खड़ा कर देने से शहरवासी ही नहीं, बल्कि अब जिले के बड़े अधिकारी भी लगातार कई वर्षों से चली आ रही इस समस्या की जद में आने लगे हैं. हैरानी की बात यह है कि इस गंभीर समस्या पर नगर पर्षद, परिवहन विभाग, ट्रैफिक पुलिस व अनुमंडल प्रशासन उदासीन रवैया अपनाये हुए हैं. यह बिडंबना ही कही जायेगी कि चार-चार विभागों की जिम्मेदारी होने के बावजूद अब तक इस समस्या का कोई स्थायी हल नहीं ढूंढ़ा जा सका है. प्रशासनिक अनदेखी की वजह से ऑटो व इ-रिक्शा चालक भी मनमानी पर उतर आये हैं और जहां मन किया वहीं सवारी चढ़ा व उतार रहे हैं. ऐसा प्रतीत होता है कि शहर में प्रशासन की लाठी पर इ-रिक्शा चालकों की मनमानी भारी पड़ रही है. खासकर एकता चौक व सदर अस्पताल के आसपास इ-रिक्शा इस कदर खड़ा हो जाता हैं कि मुख्य सड़क के आधे हिस्से से लोगों का पैदल गुजरना भी मुश्किल हो जा रहा है. गाड़ियों के बीच सड़क पर खड़े रहने से जाम जैसी स्थिति बन जाती है और दुर्घटनाएं भी हो रही हैं. प्रतिदिन ट्रैफिक की समस्या, फिर भी नहीं हो रहा निदान शहर की मुख्य सड़कों से पुलिस प्रशासन से लेकर जिला प्रशासन की गाड़ियां पूरे दिन दौड़ती रहती हैं, लेकिन न तो उनकी नजर सड़क पर लगे जाम पर जाती है और न ही अवैध रूप से खड़े इ-रिक्शाओं पर कभी-कभार यदि पुलिस-प्रशासन के आला अधिकारियों को सड़क जाम या अवैध पार्किंग से परेशानी होती भी है, तो दो-चार सवारी वाहन चालकों को वाहन समेत पकड़कर महज खानापूर्ति कर दी जाती है और फिर मामले को यथावत छोड़ दिया जाता है. नतीजा यह है कि आम लोगों को रोजाना ट्रैफिक जाम की समस्या झेलनी पड़ रही है, लेकिन समाधान की दिशा में ठोस कदम अब तक नहीं उठाये गये हैं. बोले ट्रैफिक डीएसपी– इ-रिक्शा चालकों की शहर में मनमानी पर ट्रैफिक डीएसपी विजय कुमार गुप्ता ने बताया कि शहर में ट्रैफिक की समस्या पर एक योजना बनाकर अनुमंडल को सौंपा गया है. वैसे निर्देशों का पालन नहीं करनेवालों पर जल्द ही कार्रवाई की जायेगी. ट्रैफिक पुलिस चेकिंग अभियान चलाकर नियमों को तोड़ने वाले चालकों पर अक्सर कार्रवाई करती रहती है. इनसेट पार्किंग व्यवस्था नहीं रहने से लग रहा जाम, प्रशासन मौन, आमजन परेशान भभुआ सदर. आम तौर पर शहर में यातायात को व्यवस्थित करने के लिए नो पार्किंग, नो इंट्री आदि नियमों को लेकर प्रशासन से लेकर नागरिक तक सभी संजीदा होते है. नियमों का पालन कराने वाली पुलिस भी इसकी निगरानी को लेकर गंभीर नजर आती है. लेकिन यह सभी बातें भभुआ शहर के ट्रैफिक के लिए सिर्फ कागजी बयान बाजी ही है. क्योंकि, इन शहरों में जहां नो पार्किंग लिखा होता है वहां पर वाहन खड़े रहते है. सड़क पर वाहनों के चलने की जगह है तो वहां मनमानी पार्किंग बना वाहन खड़े किये जा रहे हैं. कुव्यवस्था का सबसे बड़ा उदाहरण शहर के मुख्यमार्ग पर स्थित एसबीआइ सहित अन्य राष्ट्रीयकृत बैंकें हैं. जहां, बैंक आनेवाले ग्राहकों के लिए वाहन पार्किंग का कोई भी प्रबंध नहीं है. इसके चलते बैंक आने वाले ग्राहक बीच सड़क तक अपने वाहन खड़े करके बैंक काम निपटाने जाते हैं और अपना काम पूरा होने के बाद ही वाहन हटाते है. इस बीच सड़क का आधे से जाता हिस्सा दुपहिया चौपहिया वाहनों का पार्किंग स्थल बनकर रह जाता है. इसके चलते सड़क पर चलने वाले वाहनों के लिए जगह ही नहीं बचती है. बैंक कार्य अवधि के समय तक एकता चौक, भभुआ मोहनिया मुख्य सड़क के आसपास वाहन चालकों को रेंग रेंग कर निकलना मजबूरी बन जाता है. अब ऐसे में ऐसा लगता हैं जैसे मानो, शहर हर तरफ अपनी मनमर्जी से चल रहा है. सबसे बड़ी बात कि इस मनमर्जी के नियमों से प्रशासनिक जिम्मेदार भी मुंह फेरे हुए हैं. एकता चौक, जयप्रकाश चौक, पटेल चौक आदि जगहों पर भी आधे में अतिक्रमणकारी तो आधे जगह पर इ रिक्शा, ठेला और ऑटो लगाया जा रहा है.

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By VIKASH KUMAR

VIKASH KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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