Shatrudhn Yadav Hatyakand : रामगढ़ में आर्मी जवान शत्रुध्न यादव की हत्या के विरोध में सोमवार की देर शाम परिजनों, युवाओं और समाजसेवियों ने कैंडल मार्च निकालकर आक्रोश जताया. हाथों में जलती मोमबत्तियां और तख्तियां लेकर मार्च में शामिल लोगों ने हत्याकांड के आरोपितों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की. इस दौरान ‘शत्रुध्न हम शर्मिंदा हैं, तेरे कातिल जिंदा हैं’ और ‘हत्यारों को फांसी दो’ जैसे नारे भी लगाए गए.
महादलित बस्ती से शुरू हुआ कैंडल मार्च
कैंडल मार्च देवहलिया मुख्य सड़क स्थित महादलित बस्ती के समीप से शुरू हुआ. यहां से बड़ी संख्या में युवा हाथों में कैंडल लेकर दुर्गा चौक की ओर रवाना हुए. इसके बाद मार्च ग्राम भारती महाविद्यालय होते हुए थाना पहुंचा. थाना से वापस दुर्गा चौक पहुंचने के बाद कैंडल मार्च का समापन किया गया.
मार्च के दौरान युवाओं और स्थानीय लोगों ने शत्रुध्न यादव की हत्या के मामले में आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की. हाथों में तख्तियां लेकर लोगों ने हत्याकांड को लेकर अपना आक्रोश जताया.
निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग
कैंडल मार्च में शामिल लोगों ने कहा कि आर्मी जवान शत्रुध्न यादव की हत्या से पूरा क्षेत्र आहत है. परिजनों और ग्रामीणों ने हत्याकांड की निष्पक्ष जांच कर सभी आरोपितों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की.
शत्रुध्न यादव के परिजनों ने कहा कि जवान की हत्या में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाना चाहिए. उन्होंने मामले में सभी आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की मांग दोहराई.
7 सितंबर को हमले के बाद इलाज के दौरान हुई थी मौत
गौरतलब है कि 7 सितंबर को रामगढ़ में आर्मी जवान शत्रुध्न यादव पर हमला हुआ था. हमले के बाद उनका इलाज लखनऊ स्थित आर्मी अस्पताल में चल रहा था, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गयी थी.
जवान की मौत के बाद ग्रामीणों ने दुर्गा चौक पर सड़क जाम कर विरोध जताया था. इस दौरान आरोपितों की गिरफ्तारी के साथ मामले की जांच में कथित पुलिस लापरवाही की भी जांच कराने की मांग की गयी थी. बाद में शत्रुध्न यादव का सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया था.
बड़ी संख्या में लोग हुए शामिल
कैंडल मार्च में मृतक के भाई धर्मेंद्र यादव, उज्ज्वल यादव, सोनू यादव, समाजसेवी अनिल कुमार गौड़, अजीत कुशवाहा और कमलेश साह सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए. सभी ने जवान की हत्या के मामले में आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की.
