kaimur News : कैमूर के रामपुर प्रखंड में पेंशनधारियों के जीवन प्रमाणीकरण को लेकर प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है. प्रखंड विकास पदाधिकारी ऋतु रंजन कुमार ने सभी पंचायत सचिवों और विकास मित्रों को 11 अगस्त तक पेंशनधारियों के जीवन प्रमाणीकरण से संबंधित डाटा शत-प्रतिशत उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है. बीडीओ ने स्पष्ट किया है कि समय पर डाटा उपलब्ध नहीं कराने से लाभार्थियों की पेंशन का नियमित भुगतान प्रभावित या बाधित हो सकता है.
जिला कोषांग के निर्देश पर बढ़ी सख्ती
बीडीओ की ओर से 8 अगस्त 2026 को जारी पत्रांक 357 में जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग, कैमूर के 30 जुलाई 2026 के पत्र का हवाला दिया गया है. जिला कोषांग के निर्देश के अनुसार सभी पेंशनधारियों का जीवन प्रमाणीकरण कार्य शत-प्रतिशत पूरा किया जाना है. इस संबंध में रामपुर प्रखंड कार्यालय की ओर से भी 3 अगस्त को पत्र जारी किया जा चुका है.
अब तक शत-प्रतिशत डाटा नहीं मिलने पर नाराजगी
बीडीओ ने पत्र में कहा है कि अब तक सभी पेंशनधारियों का शत-प्रतिशत डाटा उपलब्ध नहीं कराया गया है, जो अत्यंत खेदजनक है. उन्होंने कहा कि जीवन प्रमाणीकरण कराना अनिवार्य है. समय पर प्रमाणीकरण नहीं होने की स्थिति में वृद्धा, विधवा और दिव्यांग पेंशनधारियों का नियमित भुगतान प्रभावित हो सकता है.
11 अगस्त तक हर हाल में पूरा करना होगा काम
सभी पंचायत सचिवों और विकास मित्रों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने पंचायत क्षेत्र के सभी पेंशनधारियों का जीवन प्रमाणीकरण कराकर संबंधित डाटा 11 अगस्त तक शत-प्रतिशत उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें. प्रशासन ने इसे प्राथमिकता वाले कार्यों में शामिल किया है.
डाटा नहीं देने पर तय होगी जवाबदेही
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा तक डाटा उपलब्ध नहीं कराने वाले कर्मियों की जवाबदेही तय की जाएगी. पत्र की प्रतिलिपि प्रखंड कल्याण पदाधिकारी, रामपुर और जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग, कैमूर को भी सूचनार्थ भेजी गयी है.
पेंशन भुगतान के लिए क्यों जरूरी है जीवन प्रमाणीकरण
प्रशासन के अनुसार जीवन प्रमाणीकरण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी पेंशन का लाभ पात्र और जीवित लाभार्थियों को ही मिलता रहे. समय पर प्रमाणीकरण होने से पेंशन भुगतान की प्रक्रिया सुचारु बनी रहेगी और लाभार्थियों को अनावश्यक आर्थिक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा.
