= ग्रामीण स्तर पर लोगों में जगायी जा रही जागरूकता की अलख एमडीए अभियान को सफल बनाने में निभायेंगे अहम भूमिका भभुआ सदर. फाइलेरिया उन्मूलन के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार प्रयासरत है. इस मुहिम को और अधिक सशक्त बनाने के लिए जिले के चार प्रखंडों के 17 आयुष्मान आरोग्य मंदिर यानी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर सीएचओ के नेतृत्व में रोगी हित धारक मंच यानी पेशेंट स्टेकहोल्डर प्लेटफॉर्म पीएसपी का गठन किया गया है. जिले के चयनित चार प्रखंडों में रामपुर, चैनपुर, मोहनिया व कुदरा शामिल हैं. रोगी हित धारक मंच के गठन का उद्देश्य लोगों में वेक्टर जनित रोग व अन्य बीमारियों के प्रति जागरूकता लाना, फाइलेरिया मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाओं से जोड़ना, नाइट ब्लड सर्वे में सहयोग करना, आने वाले सर्वजन दवा सेवन अभियान के दौरान फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन कराना व इस कार्य में स्वास्थ्य कर्मियों को सहयोग प्रदान करना है. इसके साथ ही हाथी पांव व हाइड्रोसील के मरीजों तक समाज कल्याण की योजनाओं की पहुंच बढ़ाना भी इसका प्रमुख उद्देश्य है. इस प्लेटफॉर्म के तहत वार्ड सदस्य, हाथी पांव मरीज, पंचायत प्रतिनिधि, राशन डीलर, सामाजिक उत्प्रेरक, आशा, आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका, शिक्षक व ग्रामीणों को शामिल किया गया है. इसी क्रम में रामपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अंतर्गत सावर पंचायत के आयुष्मान आरोग्य मंदिर सावर में सीएचओ सह पीएसपी सदस्य रितेश कुमार व मुखिया प्रतिनिधि विनय दुबे द्वारा एक बैठक आयोजित की गयी. बैठक में ग्रामीण महिलाएं, जीविका समूह के सदस्य व आंगनबाड़ी सेविका ने भाग लिया. बैठक में फाइलेरिया बीमारी की गंभीरता को बताते हुए लोगों को अपने बचाव के उपायों की जानकारी दी गयी. साथ ही आगामी 10 फरवरी को सरकार द्वारा संचालित सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम के तहत दिये जाने वाले दवा का सेवन स्वयं करने व अन्य पीड़ित लोगों को भी दवा खाने के लिए प्रेरित करने की अपील की गयी. फाइलेरिया से बचाव को लेकर लोगों को यह भी बताया गया कि अपने आसपास जल जमाव नहीं होने दें व सोते समय सदैव मच्छरदानी का प्रयोग करें. इस बैठक में ग्रामीण महिलाएं व पुरुष उपस्थित रहे. फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम में सीएचओ-पीएसपी की भूमिका अहम रामपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ रमेश कुमार सिंह ने बताया कि फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम में सीएचओ-पीएसपी सदस्यों की भूमिका अत्यंत अहम है. जनमानस से सीधा संवाद स्थापित कर मंच के सदस्य लोगों को फाइलेरिया बीमारी के प्रति जागरूक कर रहे हैं व आगामी एमडीए अभियान में सभी योग्य व्यक्तियों को दवा खाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि फाइलेरिया मरीज जो स्वयं मंच के सदस्य हैं, वे अपने अनुभव साझा कर लोगों को बीमारी की गंभीरता से अवगत करा रहे हैं.
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