बिना प्राथमिकी दर्ज किये व्यक्ति को हाजत में रखने व कर्तव्यहीनता के मामले में गिरी गाज नाबालिग की गुमशुदगी पर सुस्त रवैया पड़ा भारी, शिकायत के बाद भी केस दर्ज न करने पर बेलांव थानेदार नपीं भभुआ कार्यालय. बगैर प्राथमिकी के ही व्यक्ति को हाजत में बंद रखने के मामले में महिला थाने की थानेदार पूजा कुमारी को निलंबित कर दिया गया है. साथ ही नाबालिग लड़की के गायब होने के बाद परिजनों द्वारा थाने में लिखित शिकायत दिये जाने के बावजूद प्राथमिकी दर्ज नहीं करने व कोई कार्रवाई नहीं करने के मामले में बेलांव की थानेदार चंद्रप्रभा को भी निलंबित कर दिया गया है. दोनों थानेदारों को एसपी हरिमोहन शुक्ला द्वारा अपने कार्य में घोर लापरवाही बरतने को लेकर निलंबित कर दिया गया है और उनकी जगह पर अभी किसी नये थानेदार की पोस्टिंग एसपी द्वारा नहीं की गयी है. = सिर्फ मौखिक शिकायत पर पांच घंटे तक हाजत में रखा बंद दरअसल, महिला थाने की थानेदार पूजा कुमारी के खिलाफ चैनपुर थाना क्षेत्र के महुला गांव के रहनेवाले ओमप्रकाश कुमार द्वारा एसपी से मिलकर यह शिकायत की गयी थी कि उन्हें महिला थानेदार द्वारा बीते 21 नवंबर को थाने में फोन कर बुलाया गया और बिना कुछ पूछे मारपीट किया जाने लगा. जब उन्होंने मारपीट से मना किया, तो बोला कि पैसा दो मारपीट नहीं करेंगे और जब पैसा देने से भी मना कर दिया, तो हाजत में बंद कर दिया. थानेदार पूजा कुमारी द्वारा 10000 देने के बाद उन्हें हाजत से छोड़ा गया, जब इस शिकायत पर एसपी हरिमोहन शुक्ला ने भभुआ के सर्किल इंस्पेक्टर से इसकी जांच करायी और सीसीटीवी का अवलोकन किया गया, तो यह पाया गया कि कौशल्या कुमारी ने अपने पति विकास कुमार, देवर ओमप्रकाश कुमार, ससुर सुरेंद्र राम व सास कबूतरा देवी के खिलाफ दहेज उत्पीड़न की लिखित शिकायत दी थी. इधर, लिखित शिकायत पर बिना प्राथमिकी दर्ज किये थानेदार पूजा कुमारी ने पति विकास कुमार व ओमप्रकाश को थाने के हाजत में बंद कर दिया और फिर शाम को उन्हें छोड़ भी दिया गया. इस मामले में कोई प्राथमिकी भी दर्ज नहीं की गयी थी और ना ही इसका कोई जिक्र स्टेशन डायरी किया गया था. जांच में पूजा कुमारी पर बगैर प्राथमिकी के हाजत में बंद करने का मामला सामने आया, वहीं 10000 रुपये घूस देने के मामला में जांच में कोई साक्ष्य नहीं मिल पाया. इसके अलावा एसपी ने जब महिला थाने का इंस्पेक्शन किया था, तो उसमें भी कई त्रुटियां पायी गयीं, जिसके बाद एसपी द्वारा उन्हें निलंबित कर दिया गया. = तीन दिनों तक थानेदार ने नहीं की कोई कार्रवाई इधर, बेलांव थाने की थाना प्रभारी चंद्रप्रभा को इसलिए निलंबित किया गया है कि 12 जनवरी 2026 को नौहट्टा गांव के रहने वाले अशोक पासवान ने बेलांव थाने में जाकर यह शिकायत दी थी कि उनकी लड़की गायब हो गयी है, जहां उनके लिखित शिकायत पर चंद्रप्रभा द्वारा ना कोई प्राथमिक दर्ज की गयी और ना ही इसका स्टेशन डायरी में कोई जिक्र किया गया और ना ही इस पर कोई कार्रवाई करने के लिए किसी पुलिस पदाधिकारी को निदेशित किया गया. यहां तक की तीन दिनों तक थानेदार द्वारा उक्त मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गयी. इसी बीच 15 जनवरी को गायब हुई लड़की का शव आसनतल गांव के समीप खेत में स्थित कुएं से बरामद किया गया. इसे लेकर स्थानीय लोगों में भी काफी आक्रोश था कि थाने में सूचना दिये जाने के बावजूद थाने द्वारा ना कोई प्राथमिकी दर्ज की गयी और ना ही कोई कार्रवाई की गयी. इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए एसपी हरिमोहन शुक्ला द्वारा थानेदार चंद्रप्रभा को भी निलंबित कर दिया गया है. = क्या कहते हैं एसपी इधर, इस संबंध में पूछे जाने पर एसपी हरिमोहन शुक्ला ने बताया कि दोनों जगह के थानेदार को कार्य में लापरवाही बरतने पर निलंबित कर दिया गया है, उनके जगह पर जल्द ही नये थानेदारों की पोस्टिंग की जायेगी.
एसपी की बड़ी कार्रवाई : कार्य में लापरवाही बरतने पर बेलांव व महिला थाने की थानेदार निलंबित
नाबालिग की गुमशुदगी पर सुस्त रवैया पड़ा भारी, शिकायत के बाद भी केस दर्ज न करने पर बेलांव थानेदार नपीं
