कोर्ट परिसर : एसीसी सेंटर में चोरी की कोशिश नाकाम, खिड़की का शीशा तोड़ा

आथोराइज कलेक्शन सेंटर (एसीसी) के बीच वाली खिड़की का शीशा तोड़ कर गुरुवार की रात कुछ अज्ञात लोगों द्वारा अंदर रखे कंप्यूटर, प्रिंटर सहित अन्य उपकरणों की चोरी करने का प्रयास किया गया.

# सुरक्षा कर्मियों से शोकॉज सहित घटना की एफआइआर दर्ज कराने का निर्देश लोहे के जंगले ने बचायी सरकारी संपत्ति, कंप्यूटर व प्रिंटर सहित अन्य कीमती उपकरण पूरी तरह सुरक्षित मोहनिया सदर. अनुमंडलीय व्यवहार न्यायालय परिसर में अवस्थित दी सासाराम- भभुआ सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड सासाराम द्वारा संचालित आथोराइज कलेक्शन सेंटर (एसीसी) के बीच वाली खिड़की का शीशा तोड़ कर गुरुवार की रात कुछ अज्ञात लोगों द्वारा अंदर रखे कंप्यूटर, प्रिंटर सहित अन्य उपकरणों की चोरी करने का प्रयास किया गया. हालांकि, यह प्रयास असफल रहा. काउंटर में शीशे के पीछे लोहे का जंगला लगा रहने की वजह से चोर कलेक्शन सेंटर में प्रवेश नहीं कर सकें, जिससे कक्ष में अंदर रखा सभी सामान सुरक्षित बच गया. इस घटना की जानकारी कलेक्शन सेंटर के कंप्यूटर ऑपरेटर सत्यम सिंह व अन्य लोगों को शुक्रवार की सुबह न्यायालय खुलने पर हुई, जिसकी सूचना मिलते ही अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम आलोक रंजन ने उक्त कलेक्शन सेंटर की उस खिड़की का निरीक्षण किया, जिसका चोरी की नियत से शीशा तोड़ दिया गया था. इधर, मामले में एसीजेएम प्रथम ने नाजिर को निर्देश देते हुए कहा कि न्यायालय की सुरक्षा में तैनात रात्रि सुरक्षा कर्मियों से शोकॉज करना सुनिश्चित किया जाये, साथ ही एसीसी सेंटर के ऑपरेटर को निर्देश दिया कि इस घटना की एफआइआर दर्ज करायें. इधर जैसे ही इस घटना की जानकारी थानाध्यक्ष आलोक कुमार को हुई सिविल कोर्ट पहुंचे और एसीसी सेंटर का जायजा लिया. इस मामले में रामगढ़ थाना क्षेत्र के जमुरना गांव निवासी व एसीसी कलेक्शन सेंटर के कंप्यूटर ऑपरेटर सत्यम सिंह ने इस घटना का आवेदन प्रशासी प्रभारी अनुमंडलीय व्यवहार न्यायालय मोहनिया को दिया गया है. # कोर्ट परिसर में सीसीटीवी कैमरों की खल रही कमी न्यायालय परिसर के बाहर से मोटरसाइकिल चोरी, अधिवक्ताओं की कुर्सी सहित बिजली तार की चोरी व क्षतिग्रस्त करने की घटनाएं पूर्व में भी हो चुकी है साथ ही देश के कई न्यायालय परिसर में अपराधियों द्वारा दिनदहाड़े दी गयी आपराधिक घटनाओं को अंजाम को लेकर अधिवक्ता सहित अपने न्यायिक कार्यों को लेकर न्यायालय आने वाले लोगों की सुरक्षा व न्यायालय आने वाले संदिग्ध लोगों की गतिविधियों की निगरानी तीसरी आंख से कराने को लेकर कई बार अधिवक्ता न्यायालय परिसर में मुख्य स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगवाने की मांग करते रहें है. हालांकि, इस घटना को लेकर पुलिस मामले की जांच में जुट गयी है # शाम होते ही लग जाता है असामाजिक तत्वों का जमावड़ा अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष नागेंद्र कुमार सिंह ने थानाध्यक्ष को बताया कि न्यायिक कार्य के बाद जैसे ही अधिवक्ता अपने घरों को जाते है, सूर्यास्त होते ही अधिवक्ताओं के कार्यालय में असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लग जाता है, जिसकी निगरानी करना पुलिस के लिए आवश्यक है. इस पर थानाध्यक्ष ने कहा कि फिलहाल एसीसी सेंटर की खिड़की का शीशा तोड़ दिया गया है, इसलिए रात्रि गश्ती बढ़ाया जायेगा. एडवोकेट एसोसिएशन के उपाध्यक्ष चंद्रशेखर सिंह के कहने पर थानाध्यक्ष ने कहा कि इतना बड़ा क्षेत्र है, इसमें 18 पंचायत व नगर पंचायत के 16 वार्ड है यह संभव कहां है कि प्रतिदिन पुलिस यहां गश्ती करेगी, फिर भी हम कुछ करते है. इतने में थानाध्यक्ष द्वारा जब रात्रि में तैनात सुरक्षा कर्मियों से यह पूछा गया कि थाना के सरकारी मोबाइल का नंबर क्या है, एक भी गार्ड थानाध्यक्ष का सरकारी मोबाइल नंबर नहीं बता सकें. एक गार्ड ने कहा मोबाइल नंबर डायरी में है. इस पर थानाध्यक्ष ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि कोई घटना हो जायेगी, तो थानाध्यक्ष को जानकारी देने के लिए डायरी में नंबर खोजने जाओगे, नंबर मोबाइल में रहना चाहिए. वैसे भी क्षेत्र में हो रही चोरी की घटनाओं ने लोगों की नाक में दम कर रखा है और अब न्यायालय परिसर भी सुरक्षित नहीं रह गया है.

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By VIKASH KUMAR

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