पंचायत जनप्रतिनिधियों को सुरक्षा का कवच, अब मिलेगा शस्त्र लाइसेंस

गृह विभाग से आदेश जारी, सुरक्षा के साथ जनसेवा होगी और भी आसान

गृह विभाग से आदेश जारी, सुरक्षा के साथ जनसेवा होगी और भी आसान मुखिया से लेकर जिला पर्षद अध्यक्ष तक के लिए खुला शस्त्र लाइसेंस का रास्ता भभुआ नगर. राज्य सरकार ने त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था से जुड़े जनप्रतिनिधियों को बड़ी राहत देते हुए शस्त्र लाइसेंस की सुविधा प्रदान करने का निर्णय लिया है. गृह विभाग ने इस संबंध में सभी जिला पदाधिकारियों को पत्र जारी कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिये हैं. जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि जिला पर्षद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, पंचायत समिति प्रमुख, उपप्रमुख, मुखिया, सरपंच सहित अन्य त्रिस्तरीय पंचायत जनप्रतिनिधि शस्त्र लाइसेंस के लिए पात्र होंगे. यह निर्णय जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, ताकि वे निर्भय होकर अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर सकें. गृह विभाग द्वारा जारी पत्र में विगत दिनों जारी किये गये आदेश का भी जिक्र किया गया है. पत्र में कहा गया है कि पूर्व में जारी निर्देशों के आलोक में जनप्रतिनिधियों को शस्त्र लाइसेंस देने की प्रक्रिया को सुचारू रूप से लागू किया जाये. साथ ही यह भी निर्देश दिया गया है कि लाइसेंस निर्गत करने की प्रक्रिया पूरी तरह नियमों व निर्धारित मापदंडों के अनुसार हो. जिला पदाधिकारी को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि आवेदनों की जांच-पड़ताल समयबद्ध तरीके से की जाये, ताकि अनावश्यक विलंब न हो. पत्र के अनुसार, पंचायत स्तर से लेकर जिला स्तर तक कार्य करने वाले जनप्रतिनिधि अक्सर प्रशासनिक, सामाजिक व विकास कार्यों के दौरान संवेदनशील परिस्थितियों का सामना करते हैं. कई बार उन्हें असामाजिक तत्वों के विरोध, धमकी या दबाव का भी सामना करना पड़ता है. ऐसे में उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा एक गंभीर विषय बन जाती है. सरकार का मानना है कि शस्त्र लाइसेंस की सुविधा मिलने से जनप्रतिनिधियों में सुरक्षा की भावना मजबूत होगी और वे अधिक प्रभावी ढंग से जनसेवा कर सकेंगे. इधर गृह विभाग द्वारा पत्र जारी होने के बाद जिले के जनप्रतिनिधियों में हर्ष का माहौल है. जिला पर्षद अध्यक्ष, मुखिया, सरपंच व अन्य पंचायत प्रतिनिधियों ने इस निर्णय का स्वागत किया है. जनप्रतिनिधियों का कहना है कि यह फैसला लंबे समय से उनकी मांग रही थी. कई जनप्रतिनिधियों ने कहा कि क्षेत्र में विकास कार्यों की निगरानी व योजनाओं के क्रियान्वयन के दौरान उन्हें कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, ऐसे में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम बेहद जरूरी हैं. वहीं, जनप्रतिनिधियों ने इस निर्णय के लिए राज्य सरकार व गृह विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया है. उनका कहना है कि सरकार ने जमीनी हकीकत को समझते हुए उचित कदम उठाये हैं. साथ ही उम्मीद जतायी है कि जिला प्रशासन भी इस आदेश को गंभीरता से लागू करेगा और शस्त्र लाइसेंस की प्रक्रिया को सरल व पारदर्शी बनाया जायेगा. कुल मिलाकर, सरकार के इस फैसले को पंचायत प्रतिनिधियों की सुरक्षा व सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

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By VIKASH KUMAR

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