कैमूर : कुदरा में नदी पार करते समय 17 वर्षीय छात्र की डूबने से मौत, दूसरे युवक को ग्रामीणों ने बचाया

कैमूर के कुदरा में दुर्गावती नदी पर पुल न होने से 17 वर्षीय छात्र की डूबने से मौत। ग्रामीणों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया, इलाके में भारी मातम।

कुदरा के बीच बाजार में दुर्गावती नदी पर स्थायी पुल निर्माण की वर्षों पुरानी मांग एक बार फिर सवालों के घेरे में है. सोमवार की शाम श्रमदान से बनी अस्थायी पुलिया के पानी में डूब जाने के कारण नदी पार करने के दौरान दो युवक गहरे पानी में चले गए. इस हादसे में 17 वर्षीय विवेक कुमार की डूबने से मौत हो गई, जबकि उसके साथी गोलू को ग्रामीणों ने किसी तरह बचा लिया.

कोचिंग और बाजार से लौट रहे थे दोनों युवक

मृतक विवेक कुमार रामपुर गांव निवासी विनोद साह का पुत्र था. बताया जाता है कि विवेक और राम एकबाल का पुत्र गोलू कुदरा बाजार से लौटकर घर जा रहे थे. दोनों कोचिंग और बाजार से अपने गांव जाने के दौरान दुर्गावती नदी पर ग्रामीणों के श्रमदान से बनी पुलिया पार कर रहे थे.

पानी में डूबी पुलिया दिखाई नहीं दी

लगातार बारिश के कारण दुर्गावती नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ था और पुलिया पूरी तरह पानी में डूब गई थी. पानी में पुलिया दिखाई नहीं देने के कारण दोनों युवक गहरे पानी में चले गए. हादसे के बाद ग्रामीणों ने तत्काल बचाव की कोशिश शुरू की.

ग्रामीणों ने एक युवक को बचाया

ग्रामीणों की मदद से गोलू को किसी तरह बचा लिया गया, लेकिन 17 वर्षीय विवेक कुमार की डूबने से मौत हो गई. घटना के बाद रामपुर गांव में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.

आधा दर्जन से अधिक गांवों का है रास्ता

ग्रामीणों ने बताया कि इस रास्ते से आधा दर्जन से अधिक गांवों के लोग प्रतिदिन आवागमन करते हैं. वर्षों से दुर्गावती नदी पर स्थायी पुल निर्माण की मांग की जा रही है. ग्रामीणों द्वारा कई बार धरना-प्रदर्शन किया गया और पुल निर्माण की मांग को लेकर चुनाव के दौरान वोट बहिष्कार तक किया गया, लेकिन आज तक स्थायी पुल का निर्माण नहीं हो सका.

घटना के बाद अस्पताल में जुटी लोगों की भीड़ मृतक विवेक का फाइल फोटो | Prabhat Khabar Network

श्रमदान से बनाई गई थी छोटी पुलिया

पुल नहीं बनने के कारण ग्रामीणों ने अपने श्रमदान से छोटी पुलिया का निर्माण किया था, ताकि गांव के लोगों का आवागमन हो सके. लेकिन बरसात के दिनों में यही पुलिया पानी में डूब जाती है और लोगों के लिए जानलेवा साबित होती है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि यहां समय रहते स्थायी पुल बन गया होता तो शायद विवेक की जान बच सकती थी.

खतरे का संकेत होता तो टल सकता था हादसा

घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि लगातार बारिश के कारण दुर्गावती नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है. यदि नदी पार करने वाले रास्ते को बांस-बल्ला लगाकर बंद कर दिया गया होता या लाल कपड़े से खतरे का संकेत लगाया गया होता तो शायद यह हादसा टल सकता था.

पुल निर्माण को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश

विवेक की मौत के बाद रामपुर गांव में मातम पसरा हुआ है. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं ग्रामीणों में वर्षों से लंबित पुल निर्माण को लेकर भारी आक्रोश है. अब लोगों का कहना है कि आखिर कितनी और घटनाओं के बाद दुर्गावती नदी पर स्थायी पुल का निर्माण कराया जाएगा.

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By विनोद कुमार सिंह

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