Kaimur Water Crisis (चांद से बिरजू प्रसाद की रिपोर्ट): कैमूर जिले के चांद प्रखंड अंतर्गत सिरहिरा पंचायत के मोहम्मदपुर स्थित सेवरी टोला आज भी विकास से दूर और उपेक्षा का शिकार बना हुआ है. लगभग 23 परिवारों की आबादी वाले इस महादलित व गरीब टोला में आज तक सरकार की महत्वाकांक्षी ‘हर घर नल-जल योजना’ का लाभ नहीं पहुंच सका है. स्थानीय ग्रामीणों के लिए पेयजल की पूरी व्यवस्था केवल एक सरकारी चापाकल के सहारे टिकी हुई है. लेकिन दुर्भाग्यवश वह एकमात्र चापाकल भी पिछले तीन दिनों से पूरी तरह खराब पड़ा हुआ है, जिसके कारण भीषण गर्मी के इस मौसम में ग्रामीणों के सामने पीने के पानी का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है.
पानी के लिए दूसरे गांवों का चक्कर काट रहे ग्रामीण
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि टोला का एकमात्र चापाकल खराब होने से उन्हें पीने और खाना बनाने के पानी के लिए दूसरे गांवों या दूर-दराज के खेतों में लगे नलकूपों का सहारा लेना पड़ रहा है. इस पानी संकट के कारण सबसे अधिक परेशानी घर की महिलाओं, छोटे बच्चों और बुजुर्गों को उठानी पड़ रही है. ग्रामीणों ने रोष व्यक्त करते हुए आरोप लगाया है कि इस संकट की घड़ी में टोला की सुध लेने के लिए न तो कोई स्थानीय जनप्रतिनिधि आगे आ रहा है और न ही पीएचईडी विभाग के अधिकारी इस ओर ध्यान दे रहे हैं.
स्थायी समाधान के लिए नल-जल योजना शुरू करने की मांग
पीड़ित ग्रामीणों ने बताया कि यदि सरकार के दावों के अनुसार इस टोला में भी नल-जल योजना की सुविधा पहले से उपलब्ध होती, तो आज चापाकल खराब होने पर उन्हें पानी की एक-एक बूंद के लिए इस तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता. ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तत्काल खराब पड़े चापाकल को चालू कराने तथा समस्या के स्थायी समाधान के लिए टोला को जल्द से जल्द नल-जल योजना से जोड़ने की पुरजोर मांग की है.
नया चापाकल लगाने का भेजा गया है प्रस्ताव: बीडीओ
इस संबंध में जानकारी मांगे जाने पर चांद प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) मोहम्मद हदीद खान ने बताया कि सेवरी टोला में पानी की समस्या को देखते हुए वहां एक नया चापाकल लगाने के लिए विभागीय प्रस्ताव वरिष्ठ अधिकारियों को भेजा गया है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की तात्कालिक समस्या को देखते हुए संबंधित तकनीकी कर्मियों को खराब पड़े चापाकल की तुरंत मरम्मत कराने का सख्त निर्देश दिया गया है, ताकि ग्रामीणों को पेयजल संकट से जल्द राहत मिल सके.
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